प्रहरी संवाददाता/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। पश्चिम सिंहभूम जिला के हद में नोवामुंडी कॉलेज में 25 अप्रैल को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ मनोजित विश्वास की अध्यक्षता में बीते 22 अप्रैल को जम्मू एवं कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में मारे गये पर्यटको की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि दी गई।
इस अवसर पर प्राचार्य डॉ विश्वास ने शहीदों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि आतंकवाद का यह जघन्य और अमानवीय कृत्य किसी भी दृष्टि से क्षम्य नहीं है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद एक अमानवीय, हिंसक और घृणास्पद कृत्य है, जिसका उद्देश्य समाज में भय और अस्थिरता फैलाना है। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों का कोई धर्म, मजहब या मानवता नहीं होती। वे केवल हिंसा और भय के प्रतीक होते हैं। किसी व्यक्ति या समुह द्वारा की गई हिंसा को किसी धर्म से जोड़ना गलत और भ्रामक है, क्योंकि हर धर्म मूल रुप से शांति, प्रेम और मानवता का संदेश देता है।
प्राचार्य ने आतंकी हमले में मारे गये पर्यटको के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में आज पूरा देश उनके साथ हैं। ईश्वर उन्हें इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करे। उन्होंने उपस्थित छात्र- छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि हम सभी देश वासियों का कर्तव्य है कि हम इस कृत्य को कभी न भूलें और एक एकजुट होकर आतंकवाद के विरुद्ध सशक्त समाज का निर्माण करें।
प्रार्थना सभा में उपस्थित प्रो. कुलजिंदर सिंह ने कहा कि न तो क्षति पूर्ति की जा सकती है और न उनके दर्द को भुलाया जा सकता है। कहा कि हर व्यक्ति का दर्द इस धरती का दर्द है। हम उनका कर्ज तो नहीं चुका सकते पर आतंकी हमले में मारे गये भारतीयों के सपनों को एक दिन जरूर पूरा करेंगे।
इस अवसर पर कॉलेज के शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारियों में प्रो. परमानन्द महतो, डॉ मुकेश कुमार सिंह, साबिद हुसैन, कुलजिन्दर सिंह, धनी राम महतो, राजकरण यादव, संतोष पाठक, तन्मय मंडल, नरेश पान, क्रांति प्रसाद, भवानी कुमारी, लक्ष्मी मोदक, सुमन चातोम्बा, हीरा चातोम्बा, शान्ति पुरती, दयानिधि प्रधान, जगन्नाथ प्रधान, रामबहादुर चौधरी, गुरु चरण बालमुचू, अनिमेष बिरूली सहित सैकड़ो की संख्या में छात्र-छात्रा उपस्थित थे।
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