प्रहरी संवाददाता/हजारीबाग (झारखंड)। हजारीबाग जिला के हद में विष्णुगढ़ प्रखंड के सारुकुंदर पंचायत झपाटांड़ रहिवासी महावीर महतो की बीते 6 अप्रैल को दुबई में मौत हो गई। महतो की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार झपाटांड़ रहिवासी घुजा महतो के 42 वर्षीय पुत्र महावीर महतो दुबई में लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड कंपनी में काम करता था। उसकी मौत कैसे हुई इसकी जानकारी परिजनों को नहीं मिली है। मृतक परिवार का एक मात्र कमाने वाला सदस्य था।
महावीर महतो अपने पीछे पत्नी सुमित्रा देवी सहित पुत्री पिंकी कुमारी (20 वर्ष) और पुत्र फलजीत कुमार (15 वर्ष) को छोड़ गया है। वहीं दो वर्ष पूर्व एक अन्य 14 वर्षीय पुत्र जितेंद्र कुमार की मौत कैंसर के इलाज के दौरान बैंगलोर के सीएमसी हॉस्पिटल में हो गई थी। पैसे के अभाव के कारण उसका अंतिम संस्कार बैंगलोर में ही कर दी गई थी।
घटना की खबर के बाद प्रवासी मजदूरों के हित में कार्य करनेवाले समाजसेवी सिकंदर अली ने मृतक के घर पहुंचे और परिजनों से मिलकर हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने सरकार से मृतक का शव जल्द से जल्द दुबई से लाये जाने की मांग की है। साथ हीं कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी झारखंड के कई प्रवासी मजदूरों ने विदेशों में अपनी जान गंवाई है।
उन्होंने कहा कि झारखंड के हजारों मजदूर आजीविका की तलाश में विदेशों और देश के अन्य राज्यों में रहते हैं, जहां उनके लिए हालात बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कब तक झारखंड के युवा दूसरे राज्यों अथवा देश में जान गंवाते रहेंगे। सरकार को चाहिए कि राज्य में ही रोजगार की ठोस व्यवस्था करे, ताकि झारखंड के मजदूरों को रोजगार के लिए पलायन नहीं करना पड़े।
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