कला का कारवां कार्यक्रम में सरकारी स्कूलों के छात्रों ने दिखाए जौहर
विशेष संवाददाता/मुंबई। सलाम बॉम्बे फाउंडेशन द्वारा आयोजित “कला का कारवां” कार्यक्रम में कुल 22 स्कूलों के 270 छात्रों ने हिस्सा लिया और अपने हुनर का परिचय देते हुए मीडिया को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया। इनमें मुंबई की नगर निगम और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों का समावेश है। वाई. बी. चव्हाण सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में नृत्य, नाटक, चित्रकला और डिजिटल मीडिया के ज़रिए छात्रों की रचनात्मकता सराहनीय था। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण था कला अकादमी के छात्रों का प्रदर्शन, जिसमें भारतीय संस्कृति के विभिन्न रंगों को दर्शाने वाली पेंटिंग्स, फ़ोटोग्राफ़ी और डिजिटल आर्ट शामिल थे। वहीं, मीडिया अकादमी के छात्रों ने फ़ोटोग्राफ़ी, फ़िल्म निर्माण, पॉडकास्टिंग और पत्रिका लेखन जैसी अपनी सीखी हुई प्रतिभाओं का प्रदर्शन किया, जिससे दर्शकों को उनकी मेहनत और कौशल देखने का मौका मिला। इस अवसर पर मनपा आयुक्त भूषण गगरानी के अलावा बड़ी संख्या में गणमान्य मौजूद थे।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप
सलाम बॉम्बे फाउंडेशन के इस कार्यक्रम में राजश्री कदम, वरिष्ठ उपाध्यक्ष (कला और मीडिया) ने कहा, “कला का कारवां” यह साबित करता है कि अगर आर्थिक और सामाजिक रूप से कमज़ोर छात्रों को सही शिक्षा और अवसर दिए जाये, तो वे असाधारण उपलब्धियाँ हासिल कर सकते हैं। जो कि यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप है, जो न केवल व्यवसायिक शिक्षा और रचनात्मकता को बढ़ावा देता है, बल्कि छात्रों के संपूर्ण विकास में कला और संस्कृति के प्रशिक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका को भी उजागर करता है। यह कार्यक्रम इस बात को दर्शाता है कि मुख्यधारा की शिक्षा में कला और मीडिया को शामिल करना कितना जरूरी है।”

जैफ़ गोल्डबर्ग, प्रसिद्ध थिएटर निर्देशक, ने कहा, “इन बच्चों का आत्मविश्वास, हुनर और कहानी कहने की क्षमता काबिले- तारीफ़ है। कला शिक्षा सिर्फ एक कौशल नहीं, बल्कि बच्चों को अपनी आवाज़ देने का एक ज़रिया भी है। सलाम बॉम्बे फ़ाउंडेशन जिस तरह नगर निगम स्कूलों के छात्रों को ये अवसर दे रहा है, वह बेहद सराहनीय है।
मनपा स्कूलों के विद्यार्थियों में अपार क्षमता – गगरानी
मनपा आयुक्त भूषण गगरानी ने कहा, “मुंबई के नगरपालिका स्कूलों के विद्यार्थियों में अपार क्षमता है। सलाम बॉम्बे फाउंडेशन जैसी संस्थाएँ यह साबित करती हैं कि यदि उन्हें सही मंच मिले, तो वे पारंपरिक शिक्षा से परे अन्य क्षेत्रों में भी उत्कृष्टता प्राप्त कर सकते हैं। हमें एक उज्जवल भविष्य के लिए कला शिक्षा और कौशल-आधारित सीखने में निरंतर निवेश करना चाहिए।”
इस मंच से निकलता है कामयाबी का रास्ता
गौरतलब है कि इस कार्यक्रम में नृत्य और नाटक की प्रस्तुतियों ने इसे और खास बना दिया। छात्रों ने अपनी कला के ज़रिए समाजिक मुद्दों और अपनी ज़िंदगी के अनुभवों को प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में सलाम बॉम्बे फाउंडेशन के पूर्व छात्र भी शामिल हुए, जो आज अपने क्षेत्र में सफल करियर बना चुके हैं। प्रीति सिंह ने अपनी नई पेंटिंग्स प्रदर्शित की, सागर कनोजिया, जो पहले एक छात्र था, आज कोरियोग्राफ़र के रूप में लौटा, और कुशल महाले, जो अब एक पेशेवर फ़ोटोग्राफ़र और वीडियो एडिटर हैं, ने अपना काम पेश किया।
Tegs: #Manpa-commissioner-appreciated-the-works-of-salaam-bombay-foundation
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