ममता सिन्हा/तेनुघाट (बोकारो)। सर्वोच्च न्यायालय, झारखंड उच्च न्यायालय एवं प्रधान जिला जज बोकारो के निर्देश पर तेनुघाट जेल में जेल अदालत सह कानूनी जागरूकता शिविर का तेनुघाट व्यवहार न्यायालय के एसीजेएम मनोज कुमार प्रजापति के नेतृत्व में 16 फरवरी को आयोजित किया गया। साथ ही जेल में बंदियों के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर का भी आयोजन किया गया।
कानूनी जागरूकता शिविर को संबोधित करते हुए एसीजेएम प्रजापति ने बताया कि आज जेल अदालत के साथ-साथ मेडिकल कैंप भी लगाया गया है। जिससे आप सभी को दोनों का फायदा प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि अगर कहीं कोई मारपीट होता है तो पीड़ित का मेडिकल कराया जाता है।
जिसका मेडिकल रिपोर्ट डॉक्टर द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत किया जाता है। उसी के आधार पर न्याय में आपको सहायता मिलती है। बताया कि जैसा कि पूर्व में डॉ ने बताया कि स्वस्थ रहने के लिए दिनचर्या ठीक रहना चाहिए। जिसके साथ आप स्वस्थ रह सकते हैं। इसलिए आप अपने शरीर पर ध्यान दें और स्वस्थ रहें।
एसीजेएम ने बताया कि आज न्यायालय में अगर आपका मुकदमा है तो आपको मुफ्त अधिवक्ता, कानूनी सलाह दिया जाता है। इस तरह अस्पताल में भी आपका मुफ्त इलाज और दवा भी दिया जाता है। आप अस्पताल जाकर अपना इलाज करवाए न कि मेडिकल स्टोर पर जाकर सिर्फ दवा ले। उन्होंने कहा कि वैसे बंदी जो स्वयं के खर्च पर अपना अधिवक्ता रख पाने में असमर्थ हैं, उनके लिए सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर लीगल एड डिफेंस काउंसिल के तहत अधिवक्ताओं की प्रतिनियुक्ति की गई है, जो उन बंदियों के केस में संबंधित न्यायालय में निरंतर पैरवी करते हैं।
डॉ शंभू कुमार ने बताया कि हम आजाद देश के नागरिक हैं। हम सभी को आजादी से जीने की आजादी है, मगर हमें कानून का भी पालन करना चाहिए। जिस तरह हमारा अधिकार है, उसी तरह हमारा कर्तव्य भी है। जैसे की अगर आप रास्ता में चल रहे हैं तो आपको अपने बाएं ओर चलना चाहिए। जिससे आपको किसी भी तरह की परेशानी नहीं होगी। बताया कि हमें नशे से दूर रहना चाहिए, जिससे हमें कई बीमारियां होती है। अगर हम नशे से दूर रहें तो हम बीमारी के साथ-साथ गलत आदत से भी दूर रहेंगे।
डॉ पूर्णेन्दु गोस्वामी ने बताया कि अगर आप अपने जीवन में कुछ अनुसरण करते रहते हैं तो सारी जीवन में आपकी समस्या दूर कर सकते हैं। अपने रहने खाने पीने का समस्या अगर सुधार कर चले मतलब दैनिक दिनचर्या पर आप काम करेंगे तो आपकी समस्या दूर होगी। राजदेव राय ने बताया कि हमें अपनी गलतियों से ही सीख कर आगे बढ़ना चाहिए, जिससे हम अपने गलतियों को सुधार कर आगे बढ़े तो हमें आगे किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
अधिवक्ता विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि अपराध जो आप अपने बुद्धि व विवेक से ही काम करते हैं, उसे ही कानून कहा जा सकता है। जैसे कि इसका एक साधारण उदाहरण है कि आप अपने गांव में घूम रहे हैं और कहीं पर एक बल्ब टंगा हुआ देखें और वहां कोई नहीं है तो आप उसे खोल लेते हैं। वह चोरी है। उसके लिए कानून में सजा है। इसलिए अगर आप गलत कर रहे हैं तो उसके बारे में सोच समझकर करें कि उसका परिणाम क्या हो सकता है। डॉ पूजा कुमारी ने भी अपने विचार रखे।
मंच संचालन और स्वागत भाषण करते हुए अधिवक्ता सुभाष कटरियार ने बताया कि हमें यहां से अपने आप को सुधार कर आगे बढ़ना चाहिए। हम जेल से निकलकर दूसरे को भी अपराध से दूर रहने की जानकारी दे सकते हैं, ताकि वे भी अपराध न करें। जेलर नीरज कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि हमें सभी से काफी कुछ सुनने को मिला है और उम्मीद है कि आप उस पर अमल करेंगे और अपने आप को सुधार कर एक अच्छी जिंदगी गुजर बसर करेंगे।
जानकारी के अनुसार इस अवसर पर जेल में लगे मेडिकल कैंप में कुल 41 बंदियों ने अपने अपने जांच कराया। जिसमें सामान्य जांच 27, आंख जांच 10 और दांत जांच 4 बंदियों ने कराए। इस प्रकार कुल 41 बंदियों ने अपने अपने जांच करवाए। मौके पर नरेंद्र कुमार प्रजापति, श्रीनिवास कुमार, परमानंद दास, संजय कुमार यादव, अनीता देवी, विजय ठाकुर, मनोज प्रजापति आदि मौजूद थे।
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