एस. पी. सक्सेना/बोकारो। वसंत पंचमी के अवसर पर विद्या की देवी माँ सरस्वती की पूजा पूरे देश में तमाम छात्रों द्वारा पूजा अर्चना कर की गयी। सभी खूबसूरत पंडाल बनाकर उसमें माँ सरस्वती की खूबसूरत प्रतिमा को स्थापित कर उनकी आराधना की है।
ऐसे में प्लस टू हाई स्कूल सेक्टर बारह बोकारो के 1993 में मैट्रिक पढ़ कर पास करने वाले पूर्ववर्ती विद्यर्थियों ने एक अनूठा मिशाल पेश किया है। पूर्ववर्ती छात्रों ने सरस्वती पूजा के दिन अपने समय के शिक्षक ललित प्रसाद को उनके घर जाकर फूलों का गुलदस्ता एवं शॉल देकर सम्मानित किया। तमाम पूर्ववर्ती छात्रों ने इस अवसर पर उनके चरण स्पर्श कर आर्शीवाद लिया। पूर्व शिक्षक ललित प्रसाद का पूरा परिवार इस खुशी के अवसर पर मौजूद था।

इस संबंध में 93 बैच के विद्यार्थियों ने शिक्षक ललित प्रसाद को बताया कि आपके द्वारा पढ़ाए 1993 बैच के विद्यार्थी भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के कोने-कोने में अपनी कामयाबी का झण्डा गाड़े हुए हैं। शिक्षक अपने पुराने विद्यार्थियों से मिलकर भावुक हो गए और आज भी उनकी क्लास लगा दी। कहा कि आज मुझे आपलोगों ने मुझे वास्तविक रूप से गुरु-दक्षिणा दी है।
देश के महान संत कबीर ने अपने दोहे में सही कहा है कि गुरु बिन ज्ञान न उपजै, गुरु बिन मिलै न मोक्ष। गुरु बिन लखै न सत्य को, गुरु बिन मिटैं न दोष। इस अवसर पर पूर्ववर्ती छात्रों में बीरेंद्र कुमार, गुरमीत सिंह, ममता गोस्वामी, विजय राज, निखिल ओझा, अजीत झा, संतोष कुमार, रेणु कुमारी, बबिता सिंह, मीनाक्षी सिंह, नील कमल चक्रवर्ती, विनोद सिंह, अश्विनी सहाय, संतोष कुमार पांडेय सहित 1993 बैच के अन्य विद्यार्थी उपस्थित थे।
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