एन. के. सिंह/बेरमो (बोकारो)। सीसीएल के निदेशक तकनीकी प्रोजेक्ट एंड प्लानिंग (डीटी पीएंडपी) अनूप हंजूरा ने 6 अक्टूबर को बोकारो जिला के हद में बेरमो कोयलांचल अंतर्गत बीएंडके प्रक्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने महाप्रबंधक संजय कुमार झा व सीसीएल अधिकारियों के साथ क्षेत्र के कारो परियोजना के खदान विस्तारीकरण और बन रहे सीएचपी का निरीक्षण किया।
इस दौरान स्थानीय सीसीएल अधिकारियों से डीटी पीएंडपी ने कोयला उत्पादन के संभावित स्थलों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सुरक्षा के दृष्टिकोण से जरूरी पहल करने का निर्देश दिया। साथ ही शून्य दुर्घटना के तहत कोयला उत्पादन लक्ष्य प्राप्त करने का निर्देश दिया। कहा कि पर्यावरण को क्षति पहुंचाए बिना कोयला उत्पादन करना सीसीएल का मुख्य उद्देश्य है। कहा कि बीएंडके प्रक्षेत्र इस बार रिकार्ड कोयला उत्पादन में करेगा। आने वाले समय में प्रक्षेत्र अपने सभी रिकार्ड तोड़ते हुए सीसीएल हीं नहीं बल्कि कोल इंडिया में अपना स्थान कायम करेगा।
उन्होंने कहा कि प्रक्षेत्र के खदान विस्तारीकरण के लिए विभाग से पर्यावरण स्वीकृति (एन्वायरनमेंट क्लीयरेंस) मिलना जरूरी है। इसके लिए सीसीएल मुख्यालय भी प्रयासरत है। प्रबंधन का जो भी प्रपोजल है उसे समय पर पूरा किया जाएगा, ताकि एरिया का विस्तार हो सके और राष्ट्रहित में ज्यादा से ज्यादा कोयला उत्पादन हो। बीएंडके प्रबंधन का मुख्यालय स्तर पर जो भी सहयोग होगा किया जाएगा।
इस अवसर पर जीएम एस के झा, विभागाध्यक्ष माइनिंग सुधीर कुमार सिंहा, पीओ सुबोध कुमार, टीएस टू सीएमडी आनंद कुमार, एसओ पीएंडपी शंकर कुमार, मैनेजर चिन्तामणी मांझी आदि मुख्य रूप से मौजूद थे।
सीसीएल के निदेशक तकनीकी अनूप हंजूरा ने कहा कि कोयला उत्पादन का लक्ष्य प्राप्त करने का प्रयास किया जाए, जो भी संसाधन चाहिए सीसीएल मुख्यालय की ओर से उपलब्ध कराया जाएगा। माइंस में संसाधनों की कमी नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित को ध्यान में रखते हुए सभी विस्थापित कोयला निकासी कराने में सीसीएल प्रबंधन को सहयोग करें। विस्थापितों को वाजिब अधिकार से वंचित नहीं होने दिया जाएगा। विस्थापितों को कोल इंडिया की आरआर पॉलिसी के तहत नियोजन व मुआवजा दिया जाएगा।

निरीक्षण के बाद डीटी हंजूरा बीएंडके महाप्रबंधक कार्यालय में घंटों बंद कमरे में जीएम झा सहित अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। सुरक्षा मानकों का पूरा पालन। डीटी ने अधिकारियों से अपने कार्यशैली में लचीलापन लाने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रक्षेत्र के उत्पादन, सुरक्षा व विकास कार्यों की जानकारी ली। साथ ही बीएंडके एरिया के माइंस विस्तारीकरण को लेकर प्रबंधन द्वारा किये गये सुझाव को लेकर समयावधि में क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
![]()













Leave a Reply