प्रहरी संवाददाता/गोमिया (बोकारो)। सरकारी स्तर पर उदासीनता के कारण एकबार फिर पलायन की भेंट चढ़ गया झारखंड का एक और प्रवासी मजदूर, जिसकी गुजरात के मुंद्रा में मौत हो गयी।
ज्ञात हो कि, पलायन एक बार फिर एक गरीब परिवार के लिए त्रासदी बनकर आया। रोजी-रोटी की तलाश में गुजरात गए बोकारो जिला के हद में गोमिया प्रखंड के साड़म के एक मजदूर की इलाज के दौरान मौत हो गई। बताया जाता है कि 10 सितंबर की सुबह जब उसका शव गांव पहुंचा तो परिजनों में चीख पुकार मच गया।
मृतक की पहचान साड़म पश्चिमी पंचायत के नाई टोला रहिवासी 52 वर्षीय शिरपाल ठाकुर के रूप में की जा रही है। परिजनों के अनुसार शिरपाल लगभग चार माह पूर्व परिवार के भरण-पोषण के लिए गुजरात के मुंद्रा शहर गया था। वहां वह एक निर्माणाधीन कारखाने में एजेंसी के माध्यम से हेल्पर का काम करता था।
बताया जाता है कि लगभग 15 दिन पूर्व काम के दौरान अचानक उसे ब्रेन स्ट्रोक हुआ। संबंधित एजेंसी ने उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां बीते 8 सितंबर को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। एजेंसी द्वारा सूचना मिलने के बाद परिजन गहरे सदमे में आ गए। इसके बाद 10 सितंबर की सुबह शव एम्बुलेंस से साड़म पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया और पूरे गांव में मातम पसर गया। मृतक अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गया है। इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र से हो रहे पलायन और प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा तथा सरकारी स्तर पर रोजगार के साधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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