Advertisement

दरभंगा में मनाया गया हिन्दी समाहार मंच का 27वां स्थापना दिवस समारोह

एस. पी. सक्सेना/मुजफ्फरपुर (बिहार)। मिथिला संस्कृति की हृदय स्थली बिहार के दरभंगा में 10 अक्टूबर को हिन्दी समाहार मंच दरभंगा का 27वां स्थापना दिवस समारोह मनाया गया। अध्यक्षता अखिलेश कुमार चौधरी द्वारा किया गया। उक्त जानकारी मुजफ्फरपुर की युवा कवियित्री सविता राज ने दी।

उन्होंने कहा कि महामाया मार्केट जुड़ावन सिंह दरभंगा में आयोजित स्थापना दिवस समारोह में सर्वप्रथम मंचस्थ अतिथि हीरा लाल सहनी, चंद्रेशजी, कुमकुम मिश्र ठाकुर सान्वी, शेखर कुमार श्रीवास्तव, सतीश चन्द्र भगत, बिनोद कुमार लाल ने समवेत दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन‌ किया। तत्पश्चात मंच के सदस्यों द्वारा केक काटकर एक दूसरे को शुभकामना व्यक्त किया गया।

इस अवसर पर श्रद्धा सुरभि ने समाहार गीत प्रस्तुत की। उन्होंने वार्षिक प्रतिवेदन‌ प्रस्तुत करते हुए कहा कि हिन्दी समाहार मंच का मूल उद्देश्य लोक भाषाओं के साहित्यकारों एवं कवियों को एक सशक्त मंच प्रदान करना, साहित्यिक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना है।

इस अवसर पर मंच के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ अयूब राईन को समाहार शिखर सम्मान से सम्मानित किया गया। राईन ने कहा कि समाहार मंच अब जिला की नहीं बल्कि यह बिहार की एक प्रमुख संस्था के रूप में जाना जाता है। इस अवसर पर समारोह के मुख्य अतिथि हीरा लाल सहनी ने कहा कि भावनात्मक एकता स्थापित कर साहित्य की सेवा करना चाहिए। विशिष्ट अतिथि चंद्रेश ने कहा कि समाहार मंच प्रगति पथ पर अग्रसर है। विगत कई वर्षों से समाहार पत्रिका का प्रकाशन होना मंच की सक्रियता को दर्शाता है। कुमकुम मिश्र ठाकुर ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि साहित्य की सेवा और उसकी मर्यादा का पालन करना चाहिए।

अध्यक्षीय उद्बोधन के क्रम में अखिलेश कुमार चौधरी ने कहा कि मंच प्रत्येक महीने सारस्वत‌ समारोह के माध्यम से वरिष्ठ और नवोदित साहित्यकारों का समन्वय करता है। नियमित रूप से समाहार वार्षिक का प्रकाशन होता है। मौके पर पूर्व उपाध्यक्ष अरूण कुमार वर्मा, पूर्व उपाध्यक्ष पुनीत कूमार सिन्हा, पूर्व उपाध्यक्ष डॉ अयूब राईन, अमरेश्वरी चरण सिन्हा, कामेश्वर कुमार ओझा, रमण कुमार झा, आशुतोष कुमार मिश्र आदि ने विचार व्यक्त किया। प्रथम सत्र का संचालन अमिताभ कुमार सिन्हा ने किया।

कवियित्री सविता राज ने बताया कि समारोह के द्वितीय सत्र में‌‌ मुकेश कुमार झा सोनु के सफल संचालन में डॉ सतीश चंद्र भगत, शेखर कुमार श्रीवास्तव, कवि अमरजीत अमर, अतुल कुमार मिश्रा, डॉ प्रतिभा स्मृति, रीतु प्रज्ञा, साधु शरण भगत, मुश्ताक एकबाल, आशीष अकिंचन, निजाम बख्स, महाकाव्य प्रसाद, मन्जर सिद्दिकी, डॉ विश्वनाथ ठाकुर, शंभु नारायण चौधरी, डौली कुमारी, सुरेन्द्र श्रीवास्तव, खुश्बू कुमारी, संप्रज्ञा सुरभि आदि ने सामयिक कविता प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। धन्यवाद ज्ञापन महाकांत प्रसाद तथा संचालन मुकेश कुमार झा सोनु ने किया।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *