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गोद लिए गए गांव को तंबाकू/नशा मुक्त बनाएं-सिविल सर्जन

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो के सिविल सर्जन डॉ अभय भूषण प्रसाद के निर्देशानुसार 13 अक्टूबर को जिले के विभिन्न महाविद्यालयों के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) समन्वयकों एवं प्रत्येक कॉलेज से दो स्वयंसेवकों को तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान तथा सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा) के विभिन्न प्रावधानों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा शिक्षण संस्थानों को तंबाकू मुक्त बनाना था।

इस अवसर पर सिविल सर्जन ने कहा कि तंबाकू एक ऐसा पदार्थ है, जिसके सेवन से स्वास्थ्य को कोई लाभ नहीं, बल्कि गंभीर नुकसान है। उन्होंने कहा कि तंबाकू के सेवन से कैंसर सहित कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से अपील की कि वे अपने-अपने गोद लिए गए गांवों को तंबाकू एवं नशा मुक्त बनाने के लिए जागरूकता अभियान चलाएं तथा युवाओं को तंबाकू से दूर रहने के लिए प्रेरित करें।

मौके पर राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम बोकारो के जिला परामर्शी मो. असलम ने भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइन्स फॉर टूबैको फ्री एजुकेशनल इंस्टिट्यूशन्स (रिवाइज्ड) टू एफईआई गाइडलाइन्स के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य किशोरों एवं युवाओं को तंबाकू की लत से बचाना तथा शिक्षण संस्थानों में तंबाकू मुक्त वातावरण सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी कॉलेज प्रतिनिधियों से टू एफईआई दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन करने तथा संस्थानों में तंबाकू नियंत्रण से संबंधित जागरूकता गतिविधियां नियमित रूप से संचालित करने का अनुरोध किया।

उन्होंने कोटपा के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि शिक्षण संस्थानों के परिसर एवं निर्धारित सीमा के भीतर तंबाकू उत्पादों के उपयोग और बिक्री पर लागू प्रतिबंधों का पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है। एनएसएस स्वयंसेवक इस दिशा में जागरूकता फैलाने तथा युवाओं को तंबाकू मुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

अनुमंडलीय अस्पताल बेरमो के दंत चिकित्सा पदाधिकारी डॉ नेहा वर्मा ने तंबाकू सेवन से होने वाले मौखिक एवं दंत स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तंबाकू सेवन से मुंह में छाले एवं जलन, मुख कैंसर, दांतों पर दाग, दांतों का सड़ना, मसूड़ों की बीमारियां तथा स्वाद एवं गंध पहचानने की क्षमता में कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। उन्होंने तंबाकू छोड़ने के उपायों पर भी जानकारी देते हुए सभी प्रतिभागियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।

प्रशिक्षण के अंत में जिला डेटा प्रबंधक कंचन कुमारी ने आभा हेल्थ अकाउंट बनाने की प्रक्रिया की जानकारी दी। कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों के आभा हेल्थ अकाउंट बनवाने की प्रक्रिया भी पूरी कराई गई। उन्होंने प्रतिभागियों से अपने आसपास के रहिवासियों तथा विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों का आभा हेल्थ अकाउंट बनवाने के लिए जागरूकता बढ़ाने की अपील की। कार्यक्रम में उपरोक्त के अलावा जिला परामर्शी एनटीसीपी छोटेलाल दास तथा जिले के विभिन्न महाविद्यालयों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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