स्किपिंग, प्लैंक, पुशअप, कबड्डी, क्रिकेट, हॉकी व् राखी प्रतियोगिता का आयोजन
रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के उत्क्रमित उच्च विद्यालय बरईकला में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर हॉकी के महान खिलाड़ी एवं हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती उत्साहपूर्वक मनाई गई।
इस अवसर पर विद्यालय परिसर में विभिन्न खेल एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के वर्ग सप्तम, अष्टम, नवम एवं दशम के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। खेल दिवस के अवसर पर स्किपिंग, प्लैंक, पुशअप, कबड्डी, क्रिकेट एवं हॉकी सहित विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
इसके अलावा विद्यार्थियों के बीच राखी प्रतियोगिता भी कराई गई। प्रतियोगिताओं के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी शारीरिक क्षमता, अनुशासन, खेल भावना और रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य शिलेश्वर प्रसाद वर्मा ने कहा कि खेल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है। खेलों से बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना का विकास होता है।
उन्होंने कहा कि मेजर ध्यानचंद का जीवन देश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ खेलकूद में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए। शिक्षक विनोद कुमार ने कहा कि विद्यालय में खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन से बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का बेहतर अवसर मिलता है।
खेल के मैदान में बच्चों के अंदर प्रतिस्पर्धा की भावना के साथ एक-दूसरे का सहयोग करने की सीख भी विकसित होती है। शांति प्रसाद मोदी ने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का विकास होता है। विद्यार्थियों को नियमित रूप से किसी न किसी खेल में भाग लेना चाहिए। विद्यालय स्तर पर ऐसे आयोजन बच्चों को खेलों के प्रति जागरूक और उत्साहित करते हैं। बंदना कुमारी ने कहा कि खेल विद्यार्थियों को अनुशासन के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
कबड्डी, क्रिकेट और हॉकी जैसे सामूहिक खेलों से बच्चों में टीम भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित होती है। बलदेव साव ने कहा कि खेल दिवस के दौरान विद्यार्थियों में काफी उत्साह देखने को मिला बच्चों ने पूरी मेहनत और लगन के साथ प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। ऐसे आयोजनों से विद्यालय का वातावरण भी उत्साहपूर्ण बनता है। बृहस्पति कुमार माजी ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई के साथ शारीरिक गतिविधियां भी जरूरी हैं।
खेल बच्चों को स्वस्थ रखने के साथ उनके व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नीलकमल वर्मा ने कहा कि प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों की छिपी हुई प्रतिभा सामने आती है। बच्चों को जीत और हार की चिंता किए बिना पूरी खेल भावना के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लेना चाहिए।
उमेश प्रसाद महतो उमेश प्रसाद महतो ने कहा कि खेल विद्यार्थियों के अंदर सकारात्मक सोच पैदा करता है। नियमित खेलकूद से बच्चों की शारीरिक क्षमता बढ़ने के साथ मानसिक विकास भी बेहतर होता है। मनोहर घाँसी ने कहा कि बच्चों की प्रतिभा को निखारने के लिए उन्हें उचित मंच और प्रोत्साहन मिलना जरूरी है। विद्यालय में आयोजित खेल दिवस ने विद्यार्थियों को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर दिया है।
राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि खेल जीवन में संघर्ष और चुनौतियों का सामना करने की क्षमता विकसित करता है। विद्यार्थियों को खेलों में नियमित अभ्यास के साथ अनुशासन बनाए रखने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। महेंद्र करमाली ने कहा कि किसी भी प्रतियोगिता में जीत से अधिक महत्वपूर्ण खेल भावना होती है। बच्चों ने जिस उत्साह के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लिया, वह सराहनीय है।
बसंत कुमार महतो ने कहा कि खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने से विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ता है। उन्हें अपनी कमियों को पहचानने और बेहतर प्रदर्शन के लिए लगातार प्रयास करने की प्रेरणा मिलती है। बेजनाथ महतो ने कहा कि राखी प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का सुंदर प्रदर्शन किया। पढ़ाई के साथ ऐसी गतिविधियां बच्चों के व्यक्तित्व को और बेहतर बनाती हैं।
मुस्लिम अंसारी ने कहा कि विद्यालय में प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलना चाहिए। खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहद उपयोगी हैं। महिमा कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय खेल दिवस जैसे आयोजन विद्यार्थियों में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाने का काम करते हैं। बच्चों को मोबाइल और अन्य गतिविधियों से समय निकालकर मैदान में खेलना चाहिए।
सुधाकर कुमार ने कहा कि किसी भी खेल में बेहतर प्रदर्शन के लिए नियमित अभ्यास और अनुशासन आवश्यक है। विद्यार्थियों को खेल के साथ-साथ पढ़ाई पर भी समान रूप से ध्यान देना चाहिए। प्रतियोगिताओं के समापन के बाद विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं एवं राखी प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रधानाचार्य शिलेश्वर प्रसाद वर्मा द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार मिलने पर विद्यार्थियों में खुशी का माहौल रहा। विद्यालय परिवार ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए भविष्य में भी खेल एवं रचनात्मक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया।
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