प्रहरी संवाददाता/गोमिया (बोकारो)। पेयजल समस्या से ग्रसित आक्रोशित स्थानीय रहिवासियों ने 13 अक्टूबर को बोकारो जिला के हद में गोमिया-ललपनिया मुख्य सड़क को जाम कर दिया। सूचना मिलते ही पहुंचे प्रखंड विकास पदाधिकारी ने रहिवासियों को समझा बुझाकर सड़क जाम हटाया।
ज्ञात हो कि जिला के हद में गोमिया प्रखंड के होसिर पश्चिमी पंचायत में पानी के बिना स्थानीय रहिवासी तरस रहे हैं। ध्यान देने योग्य है कि उक्त पंचायत के एक छोर पर तेनुघाट का विशाल जलाशय है तथा दूसरे छोर पर बोकारो नदी बहती है। यह पंचायत दोनों ओर से नदी व् जलाशय से घिरी है। बावजूद इसके यहां के रहिवासी बुंद बुंद जल को तरस रहे है। बीच में बसे चार-पांच गांव के ग्रामीण रहिवासी पिछले पांच महीने से पानी को तरस रहे हैं।

पेयजल संकट से आक्रोशित रहिवासियों ने 13 अक्टूबर की सुबह लगभग सात बजे से गोमिया-ललपनिया मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर छोटे बड़े वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्राप्त जानकारी के अनुसार होसिर पंचायत के जमकडीह, ढेंढे, नैया टोली, हरदियामो और बिरसा के कुछ टोलों में पेयजल आपूर्ति जमकडीह में बने जलमीनार से होती है। ग्रामीणों का आरोप है कि वे समय पर जलकर का भुगतान करते हैं, फिर भी पिछले 4-5 महीनों से पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप है। कई बार विभाग से शिकायत करने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई। आक्रोशित रहिवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द जलापूर्ति बहाल नहीं की गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
सड़क जाम की सूचना पाकर गोमिया के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) महादेव कुमार महतो, थाना प्रभारी प्रफुल्ल कुमार महतो और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने सड़क जाम कर रहे ग्रामीणों को समझा-बुझाकर तथा जल्द जलापूर्ति बहाल करने का आश्वासन देकर लगभग 5 घंटे बाद सड़क जाम समाप्त कराया। सवालिया निशान है कि यहां की पानी बीएसएल प्लांट बोकारो तक जाती है और यही के रहिवासी बुंद बुंद जल को तरस रहे हैं।
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