सुभद्रा चैरिटेबल ट्रस्ट व जेईपीसी के संयुक्त तत्वावधान में बच्चों ने लिया हिस्सा
रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। सुभद्रा चैरिटेबल ट्रस्ट एवं झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (जेईपीसी) के संयुक्त तत्वावधान में बोकारो जिला के हद में पीएमश्री एसएस +2 उच्च विद्यालय कसमार में कक्षा 6, 7 एवं 8 के छात्र-छात्राओं के लिए 9 सितंबर को विज्ञान एवं गणित सर्कल का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का नेतृत्व बोकारो की जिला समन्वयक शमीना खातून ने किया। गतिविधियों का क्रियान्वयन रिसोर्स पर्सन विजय कुमार रॉय (गणित) एवं राज कुमार (विज्ञान) ने किया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य फारूक अंसारी ने बच्चों को गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि गणित और विज्ञान केवल किताबों तक सीमित विषय नहीं हैं, बल्कि हमारे दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसी गतिविधियों से बच्चों में सीखने की रुचि और आत्मविश्वास बढ़ता है।
आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को पारंपरिक तरीके से केवल किताब और पाठ्यक्रम के माध्यम से पढ़ाने के बजाय खेल, प्रयोग, सवाल-जवाब और समूह गतिविधियों के जरिए सीखने का अवसर देना था। कार्यक्रम की शुरुआत रोजमर्रा के जीवन से जुड़े सवालों से की गयी। बच्चों से पूछा गया कि हमारे आसपास गणित का उपयोग कहां-कहां होता है। वस्तुएं पानी में क्यों तैरती या डूबती हैं और छाया कैसे बनती है। बच्चों ने अपने अनुभव साझा किए और सवालों के जवाब देने में उत्साह दिखाया।
गणित सर्कल में संख्या एवं पैटर्न से जुड़े खेल, गणितीय पहेलियां, मानसिक गणना तथा तार्किक सवाल कराए गए। वहीं विज्ञान से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को आसपास की घटनाओं को प्रयोग एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने के लिए प्रेरित किया गया। नज़रुल इस्लाम ने कहा कि बच्चों को गतिविधियों के माध्यम से पढ़ाने से उनकी सीखने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होती है। उन्होंने कहा कि जब विद्यार्थी स्वयं किसी गतिविधि में भाग लेते हैं तो वे विषय को आसानी से समझते हैं और लंबे समय तक याद रखते हैं।
अवनीश कुमार झा ने कहा कि गणित और विज्ञान को रोचक तरीके से प्रस्तुत करने का यह प्रयास बच्चों के लिए काफी उपयोगी है। उन्होंने कहा कि बच्चों के अंदर छिपी जिज्ञासा को बढ़ावा देना जरूरी है, ताकि वे हर चीज को समझने और उसके पीछे का कारण जानने के लिए सवाल पूछें।
परमेश्वर बेसरा ने कहा कि समूह गतिविधियों से बच्चों में आपसी सहयोग, संवाद और तार्किक सोच विकसित होती है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ व्यवहारिक ज्ञान भी प्रदान करते हैं। जिला समन्वयक शमीना खातून ने कहा कि विज्ञान एवं गणित सर्कल का उद्देश्य बच्चों में विषयों के प्रति रुचि पैदा करना और उन्हें गतिविधि आधारित शिक्षा से जोड़ना है। रिसोर्स पर्सन विजय कुमार रॉय ने कहा कि गणित को खेल और पहेलियों के माध्यम से समझाने से बच्चों का गणित के प्रति डर कम होता है तथा उनमें तार्किक क्षमता विकसित होती है। रिसोर्स पर्सन राज कुमार ने कहा कि विज्ञान हमारे आसपास की हर छोटी-बड़ी घटना में मौजूद है। बच्चों को प्रयोग और अनुभव के माध्यम से विज्ञान समझाने से उनमें जिज्ञासा और वैज्ञानिक सोच विकसित होती है।
कार्यक्रम के संचालन में नज़रुल इस्लाम, अवनीश कुमार झा एवं परमेश्वर बेसरा ने सहयोग किया। मौके पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिका एवं छात्र-छात्रा मौजूद रहे। बच्चों ने विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए गणित एवं विज्ञान को नए और रोचक अंदाज में समझने का अनुभव प्राप्त किया।
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