रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। झारखंड के हज़ारों शिक्षकों तथा कर्मचारियों को मार्च एवं अप्रैल महीने का वेतन अप्राप्त रहने से उनका जीवन-यापन दयनीय हो गया है। शिक्षकों व् शिक्षकेत्तर कर्मियों का अब बाज़ार में निकलना भी मुश्किल हो गया है, क्योंकि वहां के दुकानदार उनसे बकाए राशि की मांग करना शुरू कर दिए हैं।
बताया जाता है कि वेतन नहीं मिलने से जिनके घरों में माता-पिता एवं अन्य परिजन अस्वस्थ चल रहे हैं, उनकी स्थिति और भी असहनीय हो गई है। जिनकी मासिक ईएमआई कटती है, उनके पास बैंकों से लगातार फोन आ रहे हैं और अतिशीघ्र ईएमआई भरने की नसीहत दी जा रही है।
ज्ञात हो कि, झारखंड के विभिन्न कोटि के विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक, पीजीटी शिक्षक, सहायक शिक्षक, सहायक आचार्य, सहायक अध्यापक, लिपिक, आदेशपाल आदि वेतन के बिना असहाय महसूस कर रहे हैं। उनके बच्चों के नामांकन, पाठ्य – पुस्तक व्यवस्था, ट्यूशन एवं अन्य अनिवार्य जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं। इन समस्याओं ने शिक्षकों, कर्मियों एवं उनके परिवारजनों को झकझोर कर रख दिया है।
गंभीर समस्या के मद्देनजर झारखंड +2 शिक्षक संघ के प्रांतीय संयुक्त सचिव रामबिलाश पासवान ने संघ के प्रांतीय अध्यक्ष योगेंद्र प्रसाद ठाकुर एवं राज्य महासचिव राकेश कुमार से आग्रह कर जल्द से जल्द इस समस्या के समाधान हेतु राज्य सरकार के पास अपना पक्ष रखने का अनुरोध किया है। संघ के गिरिडीह जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद सिंह, बोकारो जिला सचिव डॉ अवनीश कुमार झा, हजारीबाग जिला सचिव बसंत सिंह, गिरीडीह जिला सचिव ऋषिकांत सिन्हा आदि ने वेतन भुगतान में विलंब के वजह से शिक्षकों – कर्मचारियों को हो रही समस्याओं पर गहरी चिंता जताई है।
इधर, झारखंड +2 शिक्षक संघ बोकारो के अध्यक्ष पंकज कुमार सिंह एवं कोषाध्यक्ष राजदेव साहू ने उम्मीद व्यक्त की है कि सभी कर्मियों को शीघ्र वेतन प्राप्ति होगी तथा उनका दैनिक जीवन-यापन सामान्य हो पाएगा।
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