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नये वार्ड पार्षदों से रांची सिटीजन फोरम का लगातार संपर्क अभियान-दीपेश निराला

एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। झारखंड की राजधानी रांची के वार्ड पार्षद मुलाकात कार्यक्रम के तहत अब तक रांची सिटीजन फोरम ने कुल 50 वार्ड पार्षदों से उनके क्षेत्र में जाकर मुलाकात किया। उनको अंग वस्त्र देकर उनके जीत पर बधाई देते हुए उनको क्षेत्र की विभिन्न समस्या समाधान हेतु ज्ञापन सौंपा। अब तक स्थायी समिति, क्षेत्रीय समिति, वार्ड समिति, विषय समिति, तदर्थ समिति, संयुक्त समिति गठित न किए जाने पर चिंता व्यक्त की गई। उक्त जानकारी रांची सिटीजन फोरम के अध्यक्ष दीपेश निराला ने 12 जुलाई को दी।

उन्होंने कहा कि केवल फंड की कमी की बात कह कर विकास कार्य रोके जा रहे हैं, लेकिन रांची नगर निगम का आय-व्यय का पूर्ण हिसाब अब तक नहीं मिला है, जिससे नगरपालिका निधि, झारखंड नगरीय विकास निधि, आवर्ती निधि, बेसिक सर्विसेज टू द अर्बन पुअर फंड इत्यादि फंड की अद्यतन स्थिति की जानकारी नहीं हो पा रही है।

जानकारी के अनुसार रांची सिटीजन फोरम का एक प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष दीपेश निराला की अध्यक्षता में रांची नगर निगम के कुल निर्वाचित 53 वार्ड पार्षदों से मुलाकात कार्यक्रम के क्रम में 12 जुलाई को वार्ड 6 की वार्ड पार्षद मोनिका खलखो, वार्ड 18 की वार्ड पार्षद आशा गुप्ता और वार्ड 28 की वार्ड पार्षद रश्मि चौधरी से मिलकर उनको अंग वस्त्र देकर उनके निर्वाचन पर बधाई दिया गया। साथ हीं क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु ज्ञापन दिया गया। इस प्रकार अब तक कुल 50 वार्ड पार्षदों से उनके वार्ड क्षेत्र में जाकर मुलाकात हो चुकी है।

वार्ड पार्षदों ने बताया कि अब तक उनके निर्वाचन के बाद 2 बोर्ड की मीटिंग हो चुकी है, लेकिन विकास कार्यों को फंड की कमी बताकर रोका जा रहा है, जबकि रांची नगर निगम के संपूर्ण आय-व्यय का अब तक हिसाब नहीं दिया गया है, जिससे नगरपालिका निधि, झारखंड नगरीय विकास निधि, आवर्ती निधि, बेसिक सर्विसेज टू द अर्बन पुअर फंड इत्यादि की स्थिति स्पष्ट नहीं हो रही है तथा अरबों रुपए प्रतिवर्ष जो रांची नगर निगम को प्राप्त हो रहे हैं, उसकी पूर्ण जानकारी नहीं है। इसके अलावा अभी तक स्थायी समिति, क्षेत्रीय समिति, वार्ड समिति, विषय समिति, तदर्थ समिति, संयुक्त समिति इत्यादि का गठन तक नहीं किया गया है, जबकि निर्वाचन को 4 महीने हो चुके हैं।

ज्ञात हो कि, बीते 3 वर्ष से चुनाव नहीं होने के बाद झारखंड उच्च न्यायालय के निर्देश पर हुए इस चुनाव के बाद चुने गये जनप्रतिनिधियों से रांची नगर निगम क्षेत्र के रहिवासियों को बहुत आशा है, लेकिन फंड की कमी का रोना रोकर वार्ड पार्षद अपने वार्ड में छोटा विकास कार्य तक नहीं करवा पा रहे हैं। यहां तक कि निर्वाचित वार्ड पार्षदों को उनका मानदेय तक नहीं भुगतान किया गया है। इस प्रकार झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 का पूर्ण रूप से पालन नहीं हो पा रहा है और इस अधिनियम में निर्वाचन के बाद जो समयबद्ध कार्य करना निर्धारित हैं, वह भी अभी तक पूरे नहीं किए गए हैं।
यह भी बताया गया कि रांची नगर निगम में पहले की तुलना इस बार कई गुणा अधिक पदाधिकारी, कर्मचारी और अन्य स्टॉफ पदस्थापित है। उस हिसाब से कार्य नहीं दिख रहा है। सभी को वेतन इत्यादि का भुगतान नगरपालिका निधि से हो रहा है।

बताया जाता है कि वार्ड नंबर 6 की वार्ड पार्षद मोनिका खलखो ने प्रतिनिधिमंडल को परंपरागत सरना पट्टा अंगवस्त्र पहनाकर अपने घर में उनका स्वागत किया और क्षेत्र के सामुदायिक भवन पर चिंता व्यक्त की। गिफ्ट डीड की जमीन का प्रयोग करते हुए क्षेत्र की मुख्य सड़कों के चौड़ीकरण की बात रखी। प्रतिनिधिमंडल में सिटीजन फोरम अध्यक्ष दीपेश निराला, सचिव रेणुका तिवारी, सदस्य आशीष जायसवाल और कुमार अभिषेक दुबे सम्मिलित थे। इसमें फोरम उपाध्यक्ष उमाशंकर सिंह और संयुक्त सचिव संतोष मृदुला का सराहनीय सहयोग रहा।

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