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डीएवी कथारा में मास्टर ट्रेनर्स की बैठक में शैक्षणिक नवाचार पर मंथन

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में डीएवी पब्लिक स्कूल सीसीएल कथारा के सभागार में झारखंड जोन-आई के मास्टर ट्रेनर्स की विशेष बैठक आयोजित की गई।

बैठक का मुख्य उद्देश्य डीएवी सीएमसी के सेंटर फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस (सीएई) द्वारा प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षण के दौरान अर्जित नवीन शिक्षण विधियों एवं शैक्षणिक कौशल को कक्षा-कक्ष में प्रभावी ढंग से लागू करने तथा विद्यार्थियों के सर्वोत्तम विकास के लिए सार्थक पहल सुनिश्चित करना था।

उक्त जानकारी डीएवी कथारा के शिक्षक बी. के. दसौंधी ने 18 सितंबर को दी। उन्होंने बताया कि बीते 16 सितंबर को आयोजित बैठक की अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य सह- झारखंड जोन-आई के सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी (एआरओ) डॉ जी. एन. खान ने की। वहीं डीएवी स्वांग के प्राचार्य सह- झारखंड जोन-आई के शैक्षणिक प्रमुख अनुज कुमार मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित रहे।

कहा कि उक्त बैठक में डीएवी कथारा के 31, डीएवी स्वांग के 14, डीएवी ललपनिया के 7, डीएवी भंडारीदाह के 2 तथा डीएवी दुग्धा के एक मास्टर ट्रेनर ने सहभागिता की। इस दौरान प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को विद्यालयों में साझा करने, नवीन शिक्षण-पद्धतियों को कक्षा-कक्ष में अपनाने तथा विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता एवं शैक्षणिक उपलब्धियों को बेहतर बनाने से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए झारखंड जोन आई के एआरओ डॉ जी. एन. खान ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक युग में डीएवी को शिक्षा के क्षेत्र में सर्वोच्च स्थान पर स्थापित करने में मास्टर ट्रेनर्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं नवीन शिक्षण विधियों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ कक्षाओं में लागू किया जाए, ताकि विद्यार्थियों के भविष्य को उज्ज्वल दिशा मिल सके। कहा कि प्रबंधन की ओर से आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा। कहा कि सभी मास्टर ट्रेनर्स से अपने दायित्वों का श्रेष्ठतापूर्वक निर्वहन करने की अपेक्षा है।

अनुज कुमार मिश्रा ने कहा कि मास्टर ट्रेनर्स से शैक्षणिक गुणवत्ता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की बड़ी अपेक्षाएँ हैं। कहा कि शिक्षक देश के भविष्य के निर्माता हैं और विद्यार्थियों के स्वर्णिम भविष्य के निर्माण में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को नवीन एवं प्रभावी शिक्षण विधियों से परिचित कराना है, ताकि उनका उपयोग विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के अनुरूप किया जा सके। उन्होंने मास्टर ट्रेनर्स को विभिन्न उपयोगी शिक्षण-सुझाव भी दिए।

बैठक को सफल बनाने में मेजबान डीएवी कथारा के वरिष्ठ शिक्षक पंकज कुमार, नागेंद्र प्रसाद, डॉ आर. एस. मिश्रा, जितेंद्र दुबे, बी. के. दसौंधी, राकेश रंजन, आराधना, सुजला के, वीणा कुमारी, मधुमल्लिका उपाध्याय, जयपाल साव, कुमारी ज्योति, विकास सिंह, दीपक कुमार सिंह सहित अन्य शिक्षकों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

बैठक के अंत में वरिष्ठ शिक्षक जितेंद्र दुबे ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। शांति पाठ के साथ बैठक ke समापन की घोषणा की गयी। बैठक में विश्वास व्यक्त किया गया कि प्रशिक्षण में प्राप्त नवीन शैक्षणिक विधियों के प्रभावी क्रियान्वयन से विद्यार्थियों के शैक्षणिक परिणामों में सकारात्मक सुधार आएगा तथा झारखंड जोन-आई की शैक्षणिक उपलब्धियाँ डीएवी को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करेंगी।

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