एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। रांची सिटीजन फोरम ने 22 जून को झारखंड की राजधानी के नगर निगम रांची के 10 वार्ड पार्षदों से भेंट कर उन्हें सम्मानित किया। साथ हीं सभी वार्ड पार्षदों को रांची सिटीजन फोरम द्वारा चर्चा, संवाद एवं जागरूकता के माध्यम से सहभागिता हेतु सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया। यहां वार्ड की विभिन्न समस्या समाधान को लेकर ज्ञापन सौंपा।
नवनिर्वाचित वार्ड पार्षदों से मुलाकात के क्रम में पता चला कि फंड नहीं होने का बहाना बनाकर रांची नगर निगम शहरी क्षेत्र के विकास कार्यों को रोके हुए हैं और इन 3 महीना में अब तक मात्र एक बोर्ड की ही मीटिंग करवा पाया है। कहा गया कि अब तक हुए एकमात्र बोर्ड की मीटिंग में लिए गए निर्णय का भी अनुपालन नहीं हो रहा है।
इस अवसर पर रांची सिटीजन फोरम अध्यक्ष दीपेश निराला की अध्यक्षता में प्रतिनिधिमंडल के साथ रांची नगर निगम के बीते दिनों कुल 53 वार्ड क्षेत्र अंतर्गत के सभी 53 नवनिर्वाचित वार्ड पार्षदों से मुलाकात के क्रम में आज वार्ड 37 के परमेश्वर सिंह, वार्ड 39 की शीला देवी, वार्ड 40 की सुचिता रानी, वार्ड 41 की नीलम चौधरी, वार्ड 42 की ममता देवी, वार्ड 43 की शशि सिंह, वार्ड 49 की जमीला खातून, वार्ड 50 की सुनीता तिग्गा, वार्ड 51 की सबिता लिंडा और वार्ड 53 की पार्षद निर्मला गाड़ी से मुलाकात किया और उनको उनके निर्वाचन के लिए अंग वस्त्र देकर साधुवाद दिया।
ज्ञात हो कि रांची सिटीजन फोरम अध्यक्ष दीपेश निराला अब तक वार्ड एक के नकुल तिर्की, वार्ड 2 की सविता कच्छप, वार्ड 3 की बसंती लकड़ा, वार्ड 5 के अवधेश बैठा, वार्ड 7 की मीनू देवी, वार्ड 10 की संगीता देवी, वार्ड 11 की आलिया नाज, वार्ड 15 की गजाला परवीन, वार्ड 16 के मोहम्मद सलाहुद्दीन असलम, वार्ड 17 की फातमा शमीम, वार्ड 20 के सुनील कुमार यादव, वार्ड 21 के मोहम्मद एहतेशाम, वार्ड 22 के मोहम्मद असलम, वार्ड 25 की सुषमा राज तथा वार्ड 29 के पार्षद सुनील यादव से मुलाकात कर चुके है।
इस तरह कुल 53 वार्ड में 25 वार्ड पार्षदों से वे मुलाकात कर उनके वार्ड से जुड़े विभिन्न समस्याओं को लेकर ज्ञापन दिया गया है। जिसमें मुख्य रूप से अभी बरसात के मौसम में रांची शहरी क्षेत्र में होने वाले जल जमाव पर विस्तृत चर्चा की गई। इस क्रम में आग्रह किया गया कि वार्ड पार्षद अपने-अपने वार्ड में जल निकासी के पुराने स्रोतों को चिन्हित करवाते हुए उन्हें क्लियर करवायें। यदि अतिक्रमण है तो उस अतिक्रमण को कम से कम इतना हटवा दें कि जल निकास आसानी से हो सके, क्योंकि आज से 15-20 वर्ष पहले रांची में जल जमाव नहीं होता था और वर्षा आज की तुलना में अधिक होती थी। तब करीब-करीब प्रतिदिन वर्षा हो जाया करती थी।
गर्मी और बरसात के मौसम में रहिवासियों को अपने साथ छाता लेकर निकलना पड़ता था। तब रांची शहरी क्षेत्र में कहीं भी कोई जल जमाव नहीं होता था, लेकिन अब जब बरसात कम हो गई है, उसके बाद भी इधर 15-20 वर्षों में जल जमाव की स्थिति प्रचंड होते जा रही है। क्योंकि, जल निकासी के पुराने मार्ग अवरुद्ध हैं और कई जगह अतिक्रमण के कारण निकासी मार्ग बंद हो चुके हैं, जिससे वर्तमान समय में जल जमाव हो रहा है।
कहा गया कि यदि इन पुराने जल निकास के मार्गों को पूर्व की भांति खोल दिया जाय तो वर्तमान में जिस प्रकार से जल जमाव की समस्या सामने आ रही है वैसी समस्या देखने को नहीं मिलेगा। इसके अलावा खराब स्ट्रीट लाइट, टूटे स्लैब के कारण खुले व जाम नाले, आधी-अधूरी या क्षतिग्रस्त सड़क, पार्कों की दुर्दशा, बच्चों के लिए खेल मैदान का अभाव, अनियमित साफ-सफाई और अपर्याप्त जलापूर्ति तथा कानून व्यवस्था जैसी चुनौतियों पर भी उनका ध्यान आकृष्ट कराया गया।
इस बावत अधिकतर वार्ड पार्षदों का कहना है कि वह वे भी अपने वार्ड में अधिक से अधिक काम करवाना चाहते हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी और अभियंता फंड की कमी का बहाना बनाकर नगर विकास के कार्यों को रोके हैं। इस क्रम में उनका पिछला 3 महीने में हुए एकमात्र बोर्ड की मीटिंग में गर्मी मौसम में 5 चापाकल बोरिंग हेतु प्रत्येक पार्षद को अनुशंसा करने का अधिकार देने की बात हुई थी, जिसे अभी तक उपलब्ध नहीं कराया गया है। कहा गया कि बरसात आ गया है। इसी प्रकार हर वार्ड पार्षद को 50 नया स्ट्रीट लाइट लगाने का अनुशंसा का अधिकार पर बात हुआ था जो अबतक नहीं हुआ है। वार्ड पार्षदों के अनुसार रांची नगर निगम का ध्यान बड़े-बड़े योजनाओं पर अधिक है, जबकि वार्ड में छोटे-छोटे विकास योजनाओं की सबसे अधिक जरूरत है, जिसे सर्वप्रथम वरीयता के आधार पर पहले निष्पादन करने की जरूरत है।
मुलाकात के क्रम में वार्ड पार्षदों ने बताया कि सबसे विचित्र स्थिति तो यह है कि पार्षदों को रांची नगर निगम के अफसरों से मिलने के लिए मुलाकात पर्ची लिखकर देना होता है। उन्हें इंतजार करना पड़ता है। अफसर के बुलाने पर ही वार्ड जनता के प्रतिनिधि पार्षद इन्हें सहयोग हेतु रांची नगर निगम में नियुक्त अफसरों के आदेश के बाद उनके कार्यालय कक्ष में प्रवेश करने दिया जाता है। इस संस्कृति में आवश्यक सुधार की जरूरत है।
फोरम अध्यक्ष ने सभी वार्ड पार्षदों को यह आश्वासन दिया कि राँची सिटीजन फोरम चर्चा, संवाद, जागरूकता एवं रचनात्मक सहयोग के माध्यम से उनके साथ सकारात्मक सहभागिता स्थापित करेगा, ताकि रहिवासियों और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय विकसित हो तथा इसका लाभ नगर निगम के सभी 53 वार्डों की आम जनों को प्राप्त हो सके।
बीते 16 जून से शुरू इस कार्यक्रम में लगातार फोरम सभी 53 नवनिर्वाचित वार्ड पार्षदों से संपर्क कर उनसे मिलकर समस्या समाधान को लगे है। प्रतिनिधिमंडल में फोरम अध्यक्ष दीपेश निराला, उपाध्यक्ष उमाशंकर सिंह, सचिव रेणुका तिवारी, संयुक्त सचिव मनीष बक्शी, हरीश नागपाल, संतोष मृदुला, सदस्य सुजीत कुमार पांडेय, कुमार अभिषेक दुबे, राजेश कुमार, आशीष जायसवाल आदि शामिल थे।
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