एस. पी. सक्सेना/लातेहार (झारखंड)। टोरी – चंदवा में आरओबी को लेकर लातेहार में किसानों और माकपा की आगामी 15 जून को आयोजित पदयात्रा को लेकर चंदवा प्रखंड के हद में कामता पंचायत में 10 जून को संम्पर्क अभियान चलाया गया।
इस अभियान में माकपा के वरिष्ठ नेता सह कामता पंचायत के पंचायत समिति सदस्य अयुब खान, माईकल हंश, सनीका मुंडा, मुन्ना मुंडा समेत कई माकपा कार्यकर्ता शामिल थे। अभियान में शामिल नेताओं ने रहिवासियों को बताया कि वित्तीय वर्ष 2020 -21 में टोरी – चंदवा में फ्लाई ओवरब्रिज की परियोजना की स्वीकृति मिली, 3 अप्रैल 2021 को आरओबी निर्माण के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नीतिन गडकरी और राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के हांथों ऑनलाइन शिलान्यास किया गया। शिलान्यास हुए पांच वर्ष हो गए, लेकिन कार्य अबतक शुरू नहीं किया जा सका है। इसका निर्माण कार्य जल्द शुरू हो इसपर जोर डालने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
संपर्क अभियान में बताया गया कि टोरी फ्लाई ओवरब्रिज परियोजना की पहले प्राक्कलन ₹43 करोड़ थी, अब नया प्राक्कलन में ₹1 अरब 19 करोड़ 71 लाख 70 हजार 507 रुपये तथा 90 पैसा राशि हो गई। कहा गया कि अबतक लगभग छः बार टेंडर निकल चुका है। इस राशि पर अबतक टेंडर नहीं हो सका है। एक बार टेंडर लेकर संवेदक द्वारा कम राशि होने के कारण छोड़ दिया गया।
कहा गया कि केंद्र, राज्य सरकार और राष्ट्रीय उच्च पथ विभाग की उदासीनता के कारण आम राहगीर जाम की पीड़ा झेल रहे हैं। ध्यान देने योग्य है कि एनएच 22 पर टोरी जंक्शन का रेलवे क्रॉसिंग है। क्रॉसिंग जाम के कारण राहगीरों को घंटों जाम में फंसकर उन्हें असहनीय पीड़ा झेलना पड़ रहा है। लंबे समय से इस समस्या पर केंद्र और झारखंड सरकार तथा एनएच विभाग की उपेक्षा के कारण प्रत्येक दिन लाखों राहगीर परेशान हैं।

कहा गया कि टोरी रेलवे क्रॉसिंग कई कई बार घंटो बंद रहती है। हर बार यह क्रॉसिंग किसी न किसी जिंदगी को खतरे में डालती है। एनएच 99 न्यु 22 अस्पताल, थाना, ब्लॉक, शहर को जोड़ती है। हर घंटे लंबा जाम। राहगीर घंटों बंद गेट और जाम में फंसकर लाचार बनकर किसी दर्द पीड़ा की तरह छटपटाते रहते हैं। यह रेलवे फाटक जाम में फंसे एम्बुलेंस में बैठे बीमार मरीजों की जिंदगी और मौत को तय करती है।
घंटों फाटक बंद रहने से कई बार बीमार मरीज की मौत फाटक पर ही हो जा रही है। कहा गया कि क्रॉसिंग जाम में फंसकर महिलाओं का प्रसव फाटक पर ही हो जाती है। मरीज व् प्रसव पीड़ा झेल रही धात्री समय पर अस्पताल पहुंच नहीं पाते। उक्त रेलवे क्रॉसिंग से ही उन्हें कफन ओढ़ाकर घर वापस ले जाना पड़ रहा है। अबतक फाटक जाम से कई परिवारों की जिंदगियां खत्म हो चुकी है।
कहा गया कि रेलवे क्रॉसिंग जाम से झारखंड का 9 जिला यथा रांची, गुमला, लोहरदगा, गढ़वा, पलामू, लातेहार, हजारीबाग, चतरा समेत छत्तीसगढ़ और पटना की यात्री बस व छोटी बड़ी गाड़ियां प्रभावित है। कहा गया कि देश का एकलौता टोरी जंक्शन है, जहां रेलवे स्टेशन जाने और स्टेशन से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं है। इसलिए आगामी 15 जून को आयोजित पदयात्रा कार्यक्रम में शामिल होने की अपील रहिवासियों से की गई है।
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