लाखो श्रद्धालुओं ने लगाई संगम में पुण्य की डुबकी
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। वैशाख पूर्णिमा के पावन अवसर पर एक मई को उत्तर बिहार के प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों वैशाली जिला मुख्यालय हाजीपुर के कौनहारा घाट व् सारण जिला के हद में सोनपुर के पहलेजा धाम सहित काली घाट पर श्रद्धा का महाकुंभ नजर आया। ब्रह्म मुहूर्त से ही लाखो की संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा और गंडक की पवित्र धाराओं में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
मान्यता है कि वैशाख पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से शारीरिक और मानसिक कष्टों का निवारण होता है।
बताया जाता है कि श्रद्धालुओं ने सूर्योदय से पूर्व स्नान के पश्चात भगवान सूर्य को जल अर्पित किया।कौनहारा और पहलेजा घाट पर कई परिवारों ने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान और तर्पण किया।
वैशाली जिला मुख्यालय हाजीपुर के प्रसिद्ध बाबा पतालेश्वर नाथ महादेव सहित अन्य शिवालयों में दिनभर जलाभिषेक के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रही। स्नान के बाद घाटों पर अन्न, वस्त्र और सामर्थ्य अनुसार धन का दान करने की होड़ लगी रही। श्रद्धालुओं ने स्नान ध्यान के बाद सत्तू, नमक, हरि मिर्च, मूली का सेवन किया।
ज्ञात हो कि वैशाख पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा के रूप में भी हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस उपलक्ष्य में श्रद्धालुओं ने बौद्ध मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की। कई भक्तों ने उपवास रखकर ध्यान-साधना के जरिए आत्मशुद्धि का प्रयास किया। भगवान बुद्ध की प्रतिमाओं को फूलों से सजाया गया और विशेष भोग लगाया गया।
प्रशासनिक सतर्कता और सुरक्षा
नदी घाटों पर लाखो श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वैशाली व् सारण जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। विभिन्न घाटों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। भीड़ नियंत्रण और आपात स्थितियों से निपटने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे। पूरा स्नान पर्व शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो गया।
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