तेरह सूत्री मांगों को ले लोक भवन के समक्ष दे रहे थे धरना
राजेश कुमार/बोकारो थर्मल (बोकारो)। विस्थापित एवं स्थानीय समन्वय संघर्ष समिति केंद्रीय कमिटी की ओर से डीवीसी में व्याप्त विस्थापित समस्याओं के समाधान को लेकर बीते 9 अप्रैल से झारखंड की राजधानी रांची स्थित लोक भवन के समक्ष धरना प्रदर्शन किया जा रहा था। दिए जा रहे धरना प्रदर्शन राज्यपाल के आश्वासन के बाद 15वें दिन 23 अप्रैल को समाप्त कर दिया गया।
बताया जाता है कि यहां डीवीसी के चेयरमैन को विस्थापितों के साथ वार्ता कर समस्याओं का जल्द समाधान करने का निर्देश दिया गया। इसकी जानकारी विस्थापित एवं स्थानीय समन्वय संघर्ष समिति के केंद्रीय अध्यक्ष दिनेश्वर मण्डल ने देते हुए बताया कि राज्यपाल के बुलावे पर विस्थापित
प्रतिनिधिमंडल 23 अप्रैल को झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने डीवीसी में व्याप्त विस्थापित समस्याओं से अवगत कराते हुए उन्हें मांग पत्र सौंपा। जिसपर राज्यपाल ने विस्थापितों के जायज मांगो को गंभीरता से लेते हुए डीवीसी चेयरमैन एस. सुरेश कुमार को मुख्यालय कोलकाता में जल्द बैठक कर विस्थापित समस्याओं का समाधान करने का निर्देश दिया।
साथ ही राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कार्यालय को भेजकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। जिसके बाद 9 अप्रैल से राजभवन के समक्ष चल रहे अनिश्चितकालीन धरना को 15वें दिन समाप्त करने की घोषणा की गयी। विस्थापित प्रतिनिधिमंडल में समिति के केंद्रीय अध्यक्ष दिनेश्वर मंडल सहित केंद्रीय सचिव सह झारखंड आंदोलनकारी मोर्चा के मुख्य संयोजक महमूद आलम, कोलेश्वर रविदास, कार्तिक मांझी, जिशान आलम और कल्लू अंसारी शामिल थे। मुलाकात के दौरान केंद्रीय अध्यक्ष मंडल ने राज्यपाल का ध्यान दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) द्वारा विस्थापितों के साथ किए जा रहे भेदभाव एवं अन्याय की ओर आकृष्ट कराया।
विस्थापित समिति के मुख्य मांगों में जिन विस्थापितों की जमीन डीवीसी ने ली है उनके परिवारों को 50 हजार रूपये प्रतिमाह दिया जाए, डीवीसी मुख्यालय को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से झारखंड लाया जाए, डीवीसी के तमाम प्रतिष्ठानों में पानी, बिजली एवं सिंचाई का साधन मुफ्त किया जाए, तमाम विस्थापितों को जिन्हें नौकरी नहीं मिला है उस परिवार को 50 लाख रूपया एक मुस्त मुआवजा दिया जाए, डीवीसी के तमाम विस्थापितों को रिक्त पदों में योग्यतानुसार नौकरी दिया जाए, डीवीसी के सीएसआर कर्मियों को अनुबंध के आधार पर महंगाई के अनुसार मानदेय दिया जाय, सामाजीक एकीकरण कार्यक्रम के कार्य में विस्थापित गाँव को विशेष प्राथमिकता दिया जाय, डीवीसी द्वारा विस्थापितों को दिया गया जमीन पर मालिकाना हक दिया जाए, बोकारो थर्मल में 85 विस्थापितों को नौकरी दिया जाए अन्यथा 50 लाख रूपये दिया जाए आदि विस्थापित समस्याओं से संबंधित 13 सूत्री मांगे शामिल हैं। इसके अलावे झारखंड राज्य निर्माण में योगदान देने वाले चिह्नित आंदोलनकारियों को राज्य सरकार द्वारा मान-सम्मान, पेंशन तथा 20 लाख रुपये तक की चिकित्सा सुविधा देने की भी मांग की गयी है।
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