मकेर के प्रधान लिपिक निलंबित, आवास पर्यवेक्षक से 24 घंटे में स्पष्टीकरण तलब
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला में बाढ़ आपदा के दौरान कर्तव्य में लापरवाही बरतने पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरु कर दी है। जिलाधिकारी (डीएम) वैभव श्रीवास्तव ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए मकेर अंचल के दो कर्मियों पर कार्रवाई की है।
जानकारी के अनुसार जिला के हद में मकेर अंचल कार्यालय के प्रधान लिपिक सुभाष कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन्हें कार्यालय में योगदान देने का निर्देश दिया गया था, बावजूद इसके उन्होंने आदेश की अवहेलना की और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत एवं बचाव कार्य में अपेक्षित सहयोग नहीं किया।
इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए प्रधान लिपिक के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा-56 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराने का भी निर्देश दिया गया है। वहीं, दूसरे मामले में मकेर के ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक नागेंद्र पंडित से स्पष्टीकरण की मांग की गई है। उन पर बाढ़ की गंभीर परिस्थिति के दौरान प्रखंड मुख्यालय से अनुपस्थित रहने और आपदा राहत कार्यों के लिए निर्धारित दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं करने का आरोप है।
बताया जाता है कि सारण जिला प्रशासन ने ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक से पत्र प्राप्ति के 24 घंटे के भीतर अपना स्पष्टीकरण समर्पित करने का निर्देश दिया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके विरुद्ध भी आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 56 के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आपदा के समय कर्तव्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
![]()













Leave a Reply