Advertisement

लोकतंत्र, मताधिकार व् संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए संयुक्त आंदोलन का ऐलान

मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को ले रांची में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस

एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। रांची प्रेस क्लब में 17 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) झारखंड, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएसए), ऑल इंडिया प्रोग्रेसिव विमेन्स एसोसिएशन (एआईपीडब्ल्यूए) और झारखंड जनाधिकार महासभा ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेस की। आयोजित प्रेस कांफ्रेस में लोकतांत्रिक अधिकारों, मताधिकार और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट संघर्ष का आह्वान किया गया।

जानकारी देते हुए एआईएसएफ रांची जिलाध्यक्ष एहतेशाम परवीन ने कहा कि संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संगठनों ने नई दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के प्रति एकजुटता व्यक्त की गयी। वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना निर्वाचन आयोग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। मतदाता सूची से जुड़े किसी भी बदलाव की प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह होनी चाहिए, ताकि किसी भी योग्य मतदाता को उसके मताधिकार से वंचित न किया जाए।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई, महिलाओं के साथ कथित दुर्व्यवहार, प्रदर्शन स्थलों को स्थानांतरित किए जाने और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न- एसआईआर) से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई।

इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र का अभिन्न हिस्सा है। सरकार और प्रशासन की आलोचना करना तथा जनहित के सवालों पर आवाज उठाना संवैधानिक अधिकार है। किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति की आवाज को दबाने के बजाय उसे सुना जाना चाहिए। संगठनों ने मांग की कि प्रदर्शनकारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान किया जाए और पुलिस कार्रवाई तथा महिलाओं के साथ कथित दुर्व्यवहार से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।

संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके की लहरा दो तिरंगा पहल के प्रति भी समर्थन व्यक्त किया गया। संगठनों ने घोषणा की कि आने वाले दिनों में झारखंड के विभिन्न हिस्सों में लोकतांत्रिक अधिकारों, मताधिकार की रक्षा और निर्वाचन प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित करने के सवाल पर संयुक्त विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की दिशा में समन्वय किया जाएगा।

सभी संगठनों ने झारखंडवासियों, छात्रों, युवाओं, महिलाओं, मजदूरों और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले आमजनों से अपील की कि वे लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट हों और शांतिपूर्ण, संवैधानिक तथा जनवादी आंदोलनों में भागीदारी करें। संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह संदेश दिया गया कि लोकतंत्र की रक्षा केवल चुनाव कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक है कि प्रत्येक मतदाता का मताधिकार सुरक्षित रहे, चुनाव प्रक्रिया पर आमजनों का भरोसा कायम रहे और हर देशवासियों को अपनी असहमति व्यक्त करने की स्वतंत्रता मिले। कहा गया कि झारखंड की राजधानी रांची से देश की राजधानी दिल्ली तक और देश के हर हिस्से में लोकतंत्र, जवाबदेही और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *