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राहुल गांधी की नागरिकता पर भाजपा का झूठ अदालत में औंधे मुंह गिरा-नायक

एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की नागरिकता पर भाजपा का झूठ अदालत में औंधे मुंह गिरा। अब भाजपा बताए कि सबूत कहाँ है। उक्त बाते 3 सितंबर को झारखंड प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने कहा।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने कहा कि राहुल गांधी की नागरिकता पर महीनों से झूठ और सनसनी फैलाने वालों की अदालत में पोल खुल गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में आरोप के समर्थन में ठोस दस्तावेज नहीं रखे जा सके और याचिका वापस लेनी पड़ी। उन्होंने न्याय पीठ द्वारा याचिका खारिज किए जाने पर भाजपा और उसके समर्थकों पर तीखा हमला बोला।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता नायक ने राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर दायर याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा की आरोप लगाते समय भाजपा का प्रचार तंत्र चीख रहा था, अदालत में सबूत देने की बारी आई तो सबकी बोलती बंद हो गई। कहा कि टीवी डिबेट में शोर से नागरिकता तय नहीं होती, अदालत में दस्तावेज चाहिए।

भाजपा बताए कि राहुल गांधी की नागरिकता पर इतना बड़ा हंगामा किस आधार पर किया गया? आरोप लगाने वालों के पास प्रमाण था तो अदालत में क्यों नहीं रखा? उन्होंने कहा कि राहुल गांधी से राजनीतिक मुकाबला करना है तो रोजगार, महंगाई, किसान, संविधान और जनता के मुद्दों पर बहस करे भाजपा। झूठे आरोपों और राजनीतिक बदनामी के सहारे लोकतंत्र को गुमराह करना बंद करे। कहा कि ब्रेकिंग न्यूज़ बनाने वालों को अब ब्रेकिंग सन्नाटा क्यों है? आरोपों का शोर खत्म, क्योंकि अदालत में सबूत चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को बदनाम करने के लिए नागरिकता का मुद्दा उछालकर राजनीतिक सनसनी पैदा करने वालों को अब देश की जनता के सामने जवाब देना चाहिए।

कहा कि अदालत में जब आरोपों के समर्थन में दस्तावेज मांगे गए तो याचिकाकर्ता राहुल गांधी के ब्रिटिश नागरिक होने का आरोप साबित करने वाला कोई ठोस दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके और याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी। उन्होंने कहा कि यही भाजपा की राजनीति का असली चेहरा है। पहले आरोप, फिर प्रचार, फिर टीवी स्टूडियो में शोर और जब तथ्य सामने आएं तो चुप्पी।

नायक ने कहा कि भाजपा को राहुल गांधी से डर लगता है, इसलिए कभी नागरिकता, कभी परिवार, कभी जाति और कभी किसी पुराने बयान को लेकर राजनीतिक धुआँ खड़ा किया जाता है। लेकिन देश की जनता अब धुएँ के पीछे छिपे राजनीतिक एजेंडे को पहचान चुकी है। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा के पास राहुल गांधी की कथित विदेशी नागरिकता का पुख्ता प्रमाण था तो उसे अदालत में प्रस्तुत किया जाना चाहिए था। सिर्फ आरोप लगाने से कोई विदेशी नागरिक नहीं हो जाता। लोकतंत्र में किसी नागरिक की प्रतिष्ठा पर गंभीर सवाल उठाने के लिए प्रमाण चाहिए, प्रचार नहीं।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं और सत्ता से लगातार सवाल पूछ रहे हैं। यही कारण है कि भाजपा बार-बार मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए व्यक्तिगत हमलों का सहारा लेती दिखाई देती है। उन्होंने भाजपा से कहा कि अगर राहुल गांधी से राजनीतिक मुकाबला करना है तो बेरोजगारी पर बहस करो, महंगाई पर बहस करो, चंदा चोरी पर बहस करो, किसानों की आय पर बहस करो, संविधान और सामाजिक न्याय पर बहस करो। कहा कि नागरिकता के नाम पर राजनीतिक अफवाहों का सहारा लेकर जनता का ध्यान असली मुद्दों से मत भटकाओ।

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