जिनके संघर्ष व् त्याग से झारखंड का सपना साकार, उनका सम्मान हमारा गौरव-डीसी
एस. पी. सक्सेना/बोकारो। झारखंड केवल एक राज्य का नाम नहीं, बल्कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए किए गए संघर्ष, त्याग और असंख्य बलिदानियों के सपनों की पहचान है। इस संघर्ष को अपनी आवाज, साहस और समर्पण से आगे बढ़ाने वाले झारखंड आंदोलनकारियों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए जिला प्रशासन बोकारो द्वारा 5 सितंबर को झारखंड आंदोलनकारी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया है। समारोह बोकारो जिला मुख्यालय कैंप टू स्थित शिबू सोरेन स्मृति भवन (टाउन हॉल) में पूर्वाह्न 10 बजे से आयोजित होगा।
झारखंड के निर्माण की राह आसान नहीं थी। आंदोलनकारियों ने अपने अधिकार, अपनी पहचान और अपनी माटी के लिए लंबा संघर्ष किया। अनेको ने व्यक्तिगत कठिनाइयों और चुनौतियों की परवाह किए बिना आंदोलन को मजबूती दी। उनके संघर्ष की बदौलत झारखंड राज्य का सपना साकार हुआ। यह सम्मान समारोह उसी संघर्षशील पीढ़ी के प्रति सम्मान प्रकट करने का अवसर है, जिनके त्याग और योगदान को झारखंड सदैव याद रखेगा।
जिले के विभिन्न प्रखंडों के कुल 1298 झारखंड आंदोलनकारियों को सम्मानित करने के लिए चिन्हित किया गया है। इनमें जिला के हद में चास प्रखंड के 266, जरीडीह प्रखंड के 194, कसमार प्रखंड के 211, गोमिया प्रखंड के 146, नावाडीह प्रखंड के 55, चंदनकियारी प्रखंड के 26, चंद्रपुरा प्रखंड के 91, पेटरवार प्रखंड के 291 तथा बेरमो प्रखंड के 18 आंदोलनकारी शामिल हैं। आयोजित सम्मान समारोह में चिन्हित आंदोलनकारियों को सम्मानित किया जाएगा।

इस संबंध में बोकारो जिला उपायुक्त (डीसी) अजय नाथ झा ने 4 सितंबर को कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों का सम्मान केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उस संघर्ष, त्याग और संकल्प को नमन है, जिसने झारखंड की पहचान को आकार दिया। जिनके संघर्ष और त्याग से झारखंड का सपना साकार हुआ, उनका सम्मान हमारा गौरव है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी के लिए यह अवसर अपने इतिहास और राज्य निर्माण की संघर्ष गाथा से जुड़ने का भी है। जिला जनसंपर्क विभाग के अनुसार सम्मान समारोह के सफल एवं गरिमापूर्ण आयोजन को लेकर जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई है। संबंधित पदाधिकारियों को कार्यक्रम स्थल पर आवश्यक व्यवस्था एवं समारोह के सुचारू संचालन के लिए दायित्व सौंपे गए हैं।
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