सारण में बाढ़ को लेकर हाई अलर्ट, तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी के निर्देश
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। नेपाल के कैचमेंट एरिया से छोड़े गए पानी के कारण गंडक नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए सरकार अलर्ट मोड में है। बिहार के उप मुख्यमंत्री-सह-प्रभारी मंत्री सारण विजेंद्र प्रसाद यादव ने 29 अगस्त को सारण जिले का दौरा कर बाढ़ पूर्व तैयारियों की समीक्षा की।
जिला मुख्यालय छपरा स्थित सर्किट हाउस पहुंचने पर जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने पुष्पगुच्छ देकर उप मुख्यमंत्री का स्वागत किया और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद उप मुख्यमंत्री ने डीएम और एसएसपी के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में डीएम ने बताया कि जिले में स्थिति फिलहाल सामान्य है और कहीं भी कटाव नहीं है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय और जानकारी के अनुसार
तटबंधों पर 24 घंटे सतत निगरानी की जा रही है। जिला और प्रखंड स्तरीय अधिकारी संवेदनशील स्थलों का नियमित निरीक्षण कर रहे हैं।आपात स्थिति के लिए एसडीआरएफ की टीमों को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है। जिला के हद में मकेर, पानापुर, दरियापुर, अमनौर, परसा और सोनपुर सहित नदी किनारे बसे क्षेत्रों में लाउडस्पीकर से आम जनों को सतर्क किया जा रहा है।
बाढ़ संभावित क्षेत्रों में गृह रक्षकों और तटबंध सुरक्षा दल की प्रतिनियुक्ति की गई है। कहा गया कि संभावित बाढ़ के खतरों को लेकर अभियंताओं द्वारा दिन-रात गश्ती की जा रही है। सभी संवेदनशील स्थलों पर बाढ़ संघर्षात्मक सामग्री और आवश्यक उपकरण पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सतर्कता और तत्परता बनाए रखने का निर्देश देते हुए कहा कि संभावित आपदा में आम रहिवासियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिला प्रशासन ने आमजनों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।
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