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कायस्थ दर्शन स्मारिका का लोकार्पण एवं 20 चित्रांशों को चित्रांश गौरव सम्मान

हर्षोल्लास के साथ मनाया गया कायस्थ क्लब दरभंगा का स्थापना दिवस

एस. पी. सक्सेना/मुजफ्फरपुर (बिहार)। बिहार के दरभंगा स्थित सीतायन विवाह भवन में कायस्थ क्लब दरभंगा का स्थापना दिवस समारोहपूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार अमरेश्वरी चरण सिन्हा ने की।

आयोजित समारोह में क्लब की ओर से प्रकाशित स्मारिका कायस्थ दर्शन का लोकार्पण किया गया तथा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले चित्रांशों को चित्रांश गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया।

जानकारी देते हुए मुजफ्फरपुर की युवा कवियित्री सविता राज ने कहा कि स्थापना दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीचित्रगुप्त के स्तवन एवं आरती से किया गया। इसके उपरांत क्लब के सदस्यों ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का विधिवत उद्घाटन किया। तत्पश्चात श्रद्धा सुरभि ने भावपूर्ण स्वर में वंदे मातरम् गीत प्रस्तुत कर वातावरण को देशभक्ति एवं राष्ट्रीय चेतना से ओत-प्रोत कर दिया।

इस अवसर पर प्रो. आशुतोष कुमार वर्मा के संपादन में प्रकाशित कायस्थ दर्शन स्मारिका का लोकार्पण मंचासीन अतिथियों यथा राजेंद्र लाल दास, वरीय अधिवक्ता शंभुनाथ, अधिवक्ता महेश कुमार, डॉ समीर कुमार वर्मा, डॉ अमित कुमार अम्बस्ट, डॉ शशि प्रभा, डॉ मनीष कुमार प्रसाद, डॉ जे. पी. कर्ण, डॉ श्वेताभ वर्मा आदि ने संयुक्त रूप से किया।
संतोष दिवाकर एवं आलोक कुमार के संयुक्त संचालन में आयोजित समारोह में कार्यक्रम संयोजक अभिषेक कुमार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर प्रो. समीर कुमार वर्मा ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में स्वस्थ, सकारात्मक एवं सांस्कृतिक वातावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज को एक-दूसरे से जोड़ने के साथ-साथ अपनी गौरवशाली परंपरा, संस्कृति और विरासत से परिचित कराने का भी कार्य करते हैं।

कायस्थ क्लब के संयोजक शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने कहा कि कायस्थ क्लब में सभी सदस्य समान दायित्व और समान सम्मान के अधिकारी हैं। उन्होंने कहा कि क्लब किसी व्यक्ति विशेष को अध्यक्ष नहीं मानता, बल्कि अपने इष्टदेव भगवान श्रीचित्रगुप्त को ही अपना मार्गदर्शक एवं अध्यक्ष मानकर कार्य करता है। उन्होंने क्लब के उद्देश्यों और सामाजिक एकजुटता के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

स्मारिका के संपादक प्रो. आशुतोष कुमार वर्मा ने कायस्थ दर्शन की अवधारणा को विस्तार से स्पष्ट करते हुए कहा कि कायस्थ समाज सदैव ज्ञान, विवेक और सामाजिक चेतना के लिए जाना जाता रहा है। समाज को अपने आचरण में स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को आत्मसात करना चाहिए तथा मुंशी प्रेमचंद के साहित्य से प्रेरणा लेकर सद्मार्ग पर चलने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों से नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों और सकारात्मक योगदान से सुनिश्चित होती है।

अध्यक्षीय संबोधन में वरिष्ठ पत्रकार अमरेश्वरी चरण सिन्हा ने कहा कि कायस्थ केवल एक जाति नहीं, बल्कि भारत की विराट सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण एवं अभिन्न अंग है। कायस्थ समाज के महापुरुषों, साहित्यकारों, शिक्षाविदों, प्रशासकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने देश के नवनिर्माण में अमूल्य योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी का दायित्व है कि वह अपने पूर्वजों की गौरवशाली परंपरा से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र के विकास में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाए।

समारोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए राजेंद्र लाल दास, शंभुनाथ, राम सजीवन प्रसाद वर्मा, उदय कुमार दास, ईश्वर चंद्र दत्त, चंद्रधर मल्लिक, अमिताभ कुमार सिन्हा, विभा कुमारी, अनुपमा कुमारी, अर्चना श्रीवास्तव, रमन कुमार सिन्हा, अजय किशोर, प्रशांत सौरभ, तनिष्का सिन्हा, रिचा, अदिति वर्मा, ऋतिक वर्मा, हर्षित मनीष सहित अन्य चित्रांशों को चित्रांश गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम को ऐतिहासिक एवं गरिमामय बनाने में सुरेंद्र कुमार, सुरेंद्र नाथ श्रीवास्तव, बसंत श्रीवास्तव, नवीन कुमार, अशोक कुमार श्रीवास्तव, प्रो राकेश रंजन, राजीव कुमार सिन्हा, जलज कुमार गोपी, नीरज कुमार चंदन, विवेक, संतोष कुमार सहित कायस्थ क्लब के सभी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। अंशराज की सांगीतिक प्रस्तुति से श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। धन्यवाद ज्ञापन अखिलेश कुमार लाल ने किया।

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