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ऑपरेशन अन्वेषण टीम की मदद से तीन साल बाद घर लौटेगी 12 वर्षीया बिटिया

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिले में बच्चों को उनके परिवार आधारित देखभाल एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यूनिसेफ-सीसीआर-एनयूएसआरएल द्वारा बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल देखरेख संस्था को तकनीकी सहयोग प्रदान किया जा रहा है। इसके अंतर्गत परिवार आधारित देखभाल को बढ़ावा देने तथा परिवार से बिछड़े बच्चों को उनके परिवार से पुनः जोड़ने के लिए संबंधित हितधारकों की क्षमता एवं समन्वय को मजबूत किया जा रहा है।

इस क्रम में परिवार से बिछड़ी 12 वर्षीया रजनी (परिवर्तित नाम) के लिए लंबे इंतजार के बाद घर वापसी की उम्मीद जगी है। बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) बोकारो के आदेश एवं ओडिशा पुलिस की ऑपरेशन अन्वेषण टीम के समन्वित प्रयास से बच्ची को उसके परिवार तक पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी की गई है। जिससे बिटिया के घर वापसी अब आसान हो गयी है।

बाल कल्याण समिति बोकारो की अध्यक्षा लीला देवी ने 2 सितंबर को कहा कि आज मुझे बहुत खुशी है कि सभी के सम्मिलित प्रयासों से बिटिया अपने घर जा रही है। कहा कि बच्ची की घर वापसी के लिए पूर्व में भी उनके द्वारा काफी प्रयास किए गए थे। अंततः ऑपरेशन अन्वेषण के तहत यह संभव हो सका है। ज्ञात हो कि नाबालिग बिटिया रजनी वर्ष 2023 से बालिका गृह धनबाद में रह रही थी। वह एक लापता बालिका थी, जो बोकारो में मिली थी। बच्ची मूल रूप से रायगढ़ा ओडिशा की रहने वाली है। परिवार से बिछड़ने के बाद उसे बाल संरक्षण व्यवस्था के तहत बालिका गृह में रखा गया था। बच्ची के घर एवं परिजनों का पता लगाने के लिए डीसीपीयू बोकारो एवं बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) बोकारो द्वारा लगातार हरसंभव प्रयास किए गए, लेकिन प्रारंभिक स्तर पर सफलता प्राप्त नहीं हो सकी। अंततः ऑपरेशन अन्वेषण के तहत किए गए प्रयासों और अंतरराज्यीय समन्वय से बच्ची के परिवार एवं गृह क्षेत्र का पता लगाना संभव हो सका, जिससे उसकी परिवार में वापसी का रास्ता प्रशस्त हुआ।

ओडिशा सरकार की ऑपरेशन अन्वेषण पहल के तहत ओडिशा पुलिस की टीम झारखंड पहुंची। टीम ने बालिका की पहचान एवं संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन किया तथा बाल कल्याण समिति बोकारो और बाल संरक्षण तंत्र के सहयोग से बच्ची को उसके गृह राज्य ले जाने की प्रक्रिया पूरी की। यह मामला परिवार आधारित देखभाल और अंतरराज्यीय समन्वय का महत्वपूर्ण उदाहरण है। बाल कल्याण समिति, बाल संरक्षण इकाइयों, बालिका गृह तथा ओडिशा पुलिस की संयुक्त पहल से वर्षों से परिवार से दूर रह रही बच्ची को अपने परिवार से दोबारा जोड़ने का रास्ता तैयार हुआ है।

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