प्रहरी संवाददाता/गोमिया (बोकारो)। मात्र 8 दिन पहले रोजगार की तलाश में मध्य प्रदेश के बैतूल गए बोकारो जिला के हद में गोमिया के चुट्टे रहिवासी युवक की सर्प दंश से मौत हो गयी। शव को पैतृक गांव लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है।
ज्ञात हो कि, बोकारो जिला के हद में गोमिया प्रखंड में स्थानीय स्तर पर रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिलने के कारण यहाँ के युवक पलायन की भेट चढ रहे है। इस क्रम में प्रवासी मजदूरों के मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक बार फिर गोमिया के एक प्रवासी मजदूर की दूसरे राज्य में मौत हो गई। बताया जाता है कि मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में सर्पदंश से गोमिया प्रखंड के हद में चुट्टे पंचायत के सेवई ग्राम रहिवासी 33 वर्षीय प्रवासी मजदूर राजेंद्र तुरी उर्फ हीरो की मौत हो गई। ग्रामीण रहिवासियों के अनुसार 2 सितंबर की अहले सुबह हीरो के मौत की सूचना गांव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां, पत्नी और बच्चों समेत परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बताया जाता है कि राजेंद्र तुरी उर्फ हीरो बीते लगभग आठ दिन पूर्व ही घर की आर्थिक स्थिति सुधारने और परिवार के लिए रोजगार की तलाश में मध्य प्रदेश के बैतूल गया था। वहां पहुंचने के बाद उसने अपने परिजनों को फोन पर बताया था कि वह सरिया-सेटरिंग मजदूर के रूप में काम कर रहा है। परिवार को उम्मीद थी कि वह मेहनत-मजदूरी कर कुछ पैसे कमाकर घर की आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद करेगा, लेकिन रोजगार की तलाश में घर से निकले राजेंद्र की जिंदगी की कहानी महज आठ दिन बाद ही खत्म हो गई।
परिजनों के अनुसार बीते एक सितंबर की देर रात राजेंद्र अपने साथ काम करने वाले अन्य मजदूरों के साथ सोया था। इस दौरान किसी जहरीले सांप ने उसे काट लिया। सर्पदंश के बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी। आनन-फानन में सहकर्मी उसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घोड़ा डोंगरी ले गए, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
गोमिया क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता नरेश तुरी ने घटना के बाद मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि मृतक राजेंद्र स्थानीय ठेकेदार के मार्फत काम करने बैतूल गया था। उसकी मौत की जानकारी गोमिया बीडीओ को दे दी गई है। साथ ही मृतक का शव मध्य प्रदेश से उसके पैतृक गांव लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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