अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिले में गंगा-सरयू के जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए सारण जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। जिला पदाधिकारी (डीएम) वैभव श्रीवास्तव के निर्देश पर 3 सितंबर को जिले के पांच प्रखंडों के बाढ़ प्रभावित और संभावित क्षेत्रों में वरीय अधिकारियों ने व्यापक निरीक्षण किया।
बताया जाता है कि बाढ़ नियंत्रण को लेकर जिला पदाधिकारी (डीएम( और वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने स्वयं जिला के हद में सोनपुर प्रखंड के दियारा क्षेत्र का संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। उन्होंने सबलपुर पूर्वी, पश्चिमी, उत्तरी, मध्यवर्ती, नजरमीरा, शाहपुर, खरीका, घरपुरा, गंगाजल, कस्मर, सैदपुर, हासिलपुर सहित 15 से अधिक गांवों में जाकर स्थानीय रहिवासियों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं।
इसके अलावा छपरा सदर के कोटवा पट्टी रामपुर, बरहरा, मांझी, रायपुर, बिनगांव, दिघवारा के अकिलपुर, गरखा के मौजमपुर, इटवा, श्रीपाल बसंत तथा रिविलगंज के दलिया और रहीमपुर का भी अधिकारियों ने जायजा लिया। रिविलगंज और दिघवारा में अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन और सदर में अपर समाहर्ता विधि-व्यवस्था द्वारा निरीक्षण किया गया।
जानकारी के अनुसार निरीक्षण के दौरान जलस्तर, आवागमन के साधन, तटबंधों की स्थिति और राहत संसाधनों की उपलब्धता की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक रसोई, ऊंचे स्थानों पर आश्रय स्थल, पेयजल, स्वच्छता और राहत सामग्री का वितरण सुनिश्चित रहे।

बताया जाता है कि जिला प्रशासन ने तत्काल राहत के लिए सोनपुर को 1000 और दिघवारा को 500 पॉलीथिन शीट उपलब्ध कराई है। इसके साथ ही सोनपुर को एक महाजाल, 25 लाइफ जैकेट और 15 लाइफ बॉय दिए गए हैं। छपरा सदर को 20 लाइफ जैकेट, 18 लाइफ बॉय तथा दिघवारा, गरखा और रिविलगंज को 20-20 लाइफ जैकेट और 15-15 लाइफ बॉय उपलब्ध कराए गए हैं।
इस दौरान बाढ़ की स्थिति को देखते हुए आम जनों को आवागमन और सुरक्षित निकासी के लिए फिलहाल जिले में 56 नावों का परिचालन किया जा रहा है। जिसमें सोनपुर में 25, छपरा सदर में 16, दिघवारा में 9 और रिविलगंज में 6 नावें शामिल हैं। आवश्यकता पड़ने पर नावों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। डीएम ने सभी अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित रहिवासियों की सुरक्षा और समय पर राहत पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
![]()













Leave a Reply