जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा देवी महागौरी की पूजा-अर्चना कार्य संपन्न
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर महाअष्टमी के दिन 18 अक्टूबर को सारण जिला के हद में स्थित समस्त देवी मंदिरों और दुर्गा मंडपों में जगत जननी मां दुर्गा के अष्टम स्वरूप मां महागौरी की पूजा-अर्चना अत्यंत हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ संपन्न हो गया।
बताया जाता है कि महाअष्टमी की सुबह से ही विभिन्न पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और पूरा जिला माता के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने श्रद्धा भाव से पुष्प जल लेकर पुष्पांजलि देकर माता महागौरी का आह्वान की।
जिला के हद में सोनपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ मंदिर के मुख्य अर्चक आचार्य सुशील चंद्र शास्त्री के अनुसार, महाअष्टमी के दिन मां महागौरी की उपासना का विशेष विधान है।
मंदिर परिसरों में सुबह से ही विहित विधान के साथ महास्नान और षोडशोपचार पूजा की गई। भक्तों ने मां को सफेद वस्त्र, श्रृंगार सामग्री और विशेष रूप से नारियल का भोग अर्पित किया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महागौरी का वर्ण पूर्णतः गौर (श्वेत) है और उनकी उपासना करने से भक्तों के सभी प्रकार के पाप और संताप नष्ट हो जाते हैं। उन्हें अन्नपूर्णा का रूप भी माना जाता है, जो अपने भक्तों को सुख-समृद्धि और आरोग्य का वरदान देती हैं।
पूरे अनुष्ठान के दौरान भक्तों ने मां महागौरी के बीज और ध्यान मंत्रों पूर्णेंदु निभां गौरी सोमचक्रस्थितां अष्टमं महागौरी त्रिनेत्राम्। वराभीतिकरां त्रिशूल डमरूधरां भक्तभयदां भवताम्॥ या देवी सर्वभूतेषु… या देवी सर्वभूतेषु माँ महागौरी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नमः का जाप किया। इसके साथ ही, महाअष्टमी के अवसर पर पारंपरिक महागौरी कवच का पाठ कर श्रद्धालुओं ने अपने परिवार की सुख-शांति और कल्याण की मंगलकामना की।
इस अवसर पर जिला मुख्यालय छपरा शहर के विभिन्न दुर्गा मंडपों में माता के दर्शन के लिए भारी भीड़ उमड़ी। कई स्थानों पर महाअष्टमी के पावन पर्व पर कन्या पूजन (कन्या भोज) का भी आयोजन किया गया, जिसमें नौ कन्याओं को देवी का रूप मानकर उन्हें भोजन कराया गया और उनका आशीर्वाद लिया गया। संध्याकाल में भव्य महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर वातावरण को पूरी तरह से भक्तिमय बना दिया।
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