एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। विकास के नाम पर पेड़ो की अंधाधुंध कटाई झारखंड के पर्यावरण से खिलवाड़ नहीं तो और क्या है? उक्त बाते ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन (एआईएसएफ) के रांची जिलाध्यक्ष एहतेशाम परवीन ने 18 अक्टूबर को कही।
उन्होंने कहा कि झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा से नया सराय तक सड़क चौड़ीकरण परियोजना में 7,000 पेड़ों की संभावित कटाई गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने प्रकृति और आने वाली पीढ़ियों को बचाने के लिए समाजसेवियों से एकजुट होने की अपील की है।
उन्होंने एक सड़क परियोजना, जंगल और पर्यावरण को लेकर बढ़ती चिंता को लेकर कहा कि धुर्वा स्थित विवेकानंद स्कूल से नया सराय तक लगभग 6 किलोमीटर लंबी सड़क के चौड़ीकरण की प्रस्तावित परियोजना ने गंभीर चिंता पैदा कर दी हैं। लगभग ₹177 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना का उद्देश्य सड़क बुनियादी ढाँचे और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना है, लेकिन इसके तहत लगभग 7,000 पेड़ों की कटाई की आशंका जताई जा रही है।
कहा कि हम झारखंड के तमाम अमन पसंद, ऐसी किसी भी परियोजना को स्वीकार नहीं कर सकते जो हमारे प्रियजनों, हमारी प्रकृति और हमारे भविष्य को नुकसान पहुँचाए। इसलिए आइए, इस मुहिम से जुड़ें और इन 7,000 पेड़ों के साथ उन असंख्य जीवों, पक्षियों और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को बचाने के लिए एकजुट हों, जिनका जीवन इन पेड़ों से जुड़ा है। इनमें मेरा भविष्य भी शामिल है। आइए, 7,000 पेड़ों को बचाएँ और प्रकृति से जुड़े हजारों परिवारों के भविष्य की रक्षा करें।
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