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भाजपा बताए कि खरगे के अपमान पर कार्रवाई क्यों नहीं-विजय शंकर नायक

एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। अभी तो ये कांग्रेसियों की अंगड़ाई है आगे और लड़ाई है। राहुल गांधी पर फर्जी एफआईआर लोकतंत्र की आवाज दबाने की कोशिश है। भाजपा बताए कि कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के अपमान पर कार्रवाई क्यों नहीं की गयी है।

झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने एक सितंबर को हल्द्वानी प्रकरण में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज फर्जी एफआईआर को राजनीतिक प्रतिशोध और विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश करार देते हुए भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।

नायक ने कहा कि राहुल गांधी ने कोई अपराध नहीं किया। उन्होंने उस मानसिकता पर सवाल उठाया है जो आज भी जाति और छुआछूत के नाम पर संविधान की आत्मा को चुनौती देती है। सवाल यह है कि भाजपा को राहुल गांधी की आवाज से इतनी घबराहट क्यों है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जो स्वयं दलित समाज से आते हैं, की सभा के बाद उसी स्थल के शुद्धिकरण को लेकर गंभीर सवाल उठे। राहुल गांधी ने इसी घटना पर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की थी। लेकिन कार्रवाई मांगने वाले राहुल गांधी पर ही एफआईआर कर देना भाजपा की दोहरी राजनीति और सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता नायक ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा को दलित सम्मान की चिंता होती तो पहले खरगेजी के अपमान की जांच कराती, न कि राहुल गांधी पर मुकदमा दर्ज कराती। कहा कि संविधान के सामने मनुवादी सोच की कोई औकात नहीं है और कांग्रेस सामाजिक न्याय की लड़ाई से पीछे हटने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार यदि वास्तव में लोकतंत्र, संविधान और सामाजिक न्याय में विश्वास करती है तो उसे उत्तराखंड सरकार से जवाब मांगना चाहिए कि राहुल गांधी की शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय उनके खिलाफ एफआईआर क्यों दर्ज की गई?

नायक ने चेतावनी देते हुए कहा कि एफआईआर और पुलिस की धमकी से राहुल गांधी की आवाज नहीं दबेगी। कहा कि राहुल गांधी अकेले नहीं हैं। देश का संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय में विश्वास रखने वाला हर देशवासी उनके साथ खड़ा है। भाजपा जितना विपक्ष को डराने की कोशिश करेगी, कांग्रेस उतनी ही मजबूती से संविधान और वंचितों के अधिकार की लड़ाई लड़ेगी।

उन्होंने मांग की कि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर की निष्पक्ष समीक्षा की जाए और हल्द्वानी में खरगे की सभा के बाद हुए कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम की भी निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए, अन्यथा अब याचना नही रण होगा। संघर्ष बड़ा भीषण होगा और भाजपा को सत्ता से जाना होगा।

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