सफल महिला किसानों ने साझा कीं अपनी प्रेरक कहानियां
प्रहरी संवाददाता/पेटरवार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में पेटरवार स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में 15 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान दिवस मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कृषि क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और उनके सशक्तिकरण पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत कृषि विज्ञान केंद्र की वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ सुषमा सरोज सुरीन ने की। उन्होंने सुदूर क्षेत्रों से आईं महिला किसानों का स्वागत करते हुए कहा कि महिला किसान खेतों की रीढ़ होने के साथ-साथ देश की खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आत्मा बोकारो की डिप्टी पीडी नीरा सबीता जोजो शामिल हुईं। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण महिला किसानों द्वारा साझा की गईं प्रेरक सफलता की कहानियां रहीं। महिला किसानों ने बताया कि दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत के बल पर खेती को घाटे के काम से मुनाफे के व्यवसाय में बदला जा सकता है। उनकी कहानियों से उपस्थित अन्य महिलाओं को आधुनिक कृषि अपनाने की प्रेरणा मिली।
इस अवसर पर डॉ सुषमा ललिता बाखला ने महिला किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, वैज्ञानिक पद्धतियों और उन्नत बीजों के चयन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तरीके से खेती कर महिलाएं लागत कम करने के साथ उत्पादन और आय में वृद्धि कर सकती हैं। मुख्य अतिथि नीरा सबीता जोजो ने महिला किसानों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि जब एक महिला किसान सशक्त होती है, तो पूरा परिवार और समाज समृद्ध होता है।
कार्यक्रम में प्रदान एनजीओ के प्रतिनिधि वेद प्रकाश ने भी कृषि विकास और ग्रामीण आजीविका सुधार में महिलाओं की भूमिका पर विचार साझा किए। समापन सत्र में खेती-किसानी के क्षेत्र में नवाचार करने वाली तथा उत्कृष्ट पशुपालन और फसल उत्पादन करने वाली कई प्रगतिशील महिला किसानों को सम्मानित किया गया। सम्मानित महिला किसानों ने कृषि विज्ञान केंद्र के प्रति आभार जताते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
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