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दो माह में ही धंसा एप्रोच रोड का गार्डवाल, गुणवत्ता पर उठे सवाल

रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में चंदनकियारी प्रखंड के घाघरी कलियादाग स्थित खलिसा जोड़िया में लगभग 1.90 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन एप्रोच रोड के गार्डवाल का एक हिस्सा धंस गया। निर्माण कार्य के दौरान ही गार्डवाल धंसने से ग्रामीणों में नाराजगी है। घटना के बाद एप्रोच रोड का निर्माण कार्य रोक दिया गया है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में अनियमितता का आरोप लगाते हुए स्थानीय विधायक और जिले के पदाधिकारियों से शिकायत की है।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, एप्रोच रोड के निर्माण का शिलान्यास लगभग दो माह पूर्व किया गया था। निर्माण कार्य अभी पूरा भी नहीं हुआ था कि गार्डवाल का एक हिस्सा धंस गया। ग्रामीणों ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
कलियादाग रहिवासी महाराज महतो ने 30 अगस्त को कहा कि निर्माण कार्य में घोर अनियमितता बरती जा रही है। उन्होंने घटना की जानकारी स्थानीय विधायक को दी है। विधायक ने विभाग को मामले में सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया है।

बताया गया कि खलिसा जोड़िया पर बने पुल का निर्माण लगभग 10 से 12 वर्ष पहले हुआ था, लेकिन पुल तक पहुंचने के लिए संपर्क पथ बनने में वर्षों लग गये। वर्तमान में पुल के बगल से बने वैकल्पिक रास्ते से राहगीर आवागमन कर रहे हैं। निर्माणाधीन एप्रोच रोड का काम पूरा होने से इस मार्ग पर बड़े वाहनों की आवाजाही भी आसान होने की उम्मीद है।

दर्जनों गांवों के लिए महत्वपूर्ण है मार्ग

ज्ञात हो कि यह पुल घाघरी, कलियादाग, लंका, फुसरो, अद्रकुड़ी समेत कई गांवों को जोड़ता है। साथ ही यह पश्चिम बंगाल के चास मोड़ जाने का भी महत्वपूर्ण मार्ग है। इन गांवों के ग्रामीणों के लिए चंदनकियारी प्रखंड मुख्यालय पहुंचने का यह प्रमुख रास्ता है। ऐसे में निर्माणाधीन एप्रोच रोड के धंसने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गयी है।

घाघरी रहिवासी चंडी चरण महतो ने कहा कि निर्माण कार्य में घोर अनियमितता के कारण एप्रोच रोड बनते-बनते ही धंस गया। उन्होंने कहा कि बगल के रास्ते से आवाजाही करने वाले राहगीरों को भी खतरा बना है। वहीं, विकास महतो ने संवेदक पर कार्य में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वर्षों बाद पुल का संपर्क पथ बनाया जा रहा है, लेकिन बारिश के दौरान ही इसका हिस्सा ढह गया। ग्रामीणों ने आशंका जतायी कि यदि निर्माण की गुणवत्ता में सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

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