पुलिस और डैम प्रबंधन ने सभी 6 गेट बंद कर बचाई नाबालिग की जान
ममता सिन्हा/विजय कुमार साव/तेनुघाट/गोमिया (बोकारो)। जाको राखे साइयां, मार सके न कोय। इसका कहावत का जीता-जागता उदाहरण 26 अगस्त को बोकारो जिला के हद में तेनुघाट डैम में देखने को मिला, जहां मौत को गले लगाने आई एक नाबालिग युवती को खुद यमराज भी नहीं ले जा सके। तेनु डैम की तेज जलधारा को देख युवती का रूह कांपने लगा और वह अपने बचाव के प्रयास में लग गयी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले की एक नाबालिग युवती घर में हुए पारिवारिक कलह से आहत होकर आत्महत्या करने के इरादे से तेनुघाट डैम पहुंची थी। गुस्से और गम में वह सीधे पानी मे उतर गई। लेकिन जैसे ही वह तेज बहाव में गई, मौत का मंजर देख उसकी रूह कांप गई। आत्महत्या का इरादा पल भर में बदल गया। जान बचाने के लिए वह किसी तरह पानी के बीच उभरी एक बड़ी चट्टान पर चढ़कर बैठ गई। चारों तरफ मौत का सैलाब एवं लगभग 6000 क्यूसेक प्रति सेकंड की रफ्तार से बहता पानी और बीच में फंसी एक अकेली लड़की।
इसी दौरान डैम पर घूम रहे कई सैलानियों की नजर उस पर पड़ी तो उनके होश उड़ गए। लड़की पानी के बीच फंसी है… लड़की फंसी है का शोर पूरे डैम परिसर में गूंज उठा। सूचना मिलते ही तेनुघाट ओपी प्रभारी भजनलाल महतो वहां पहुंचे और तेनुघाट बांध प्रमंडल के अधिकारियों को फोन कर डैम गेट को बंद करवाया गया। बताया जा रहा है कि उस समय डैम के 5 रेडियल और 1 अंडर स्लुइस गेट खुले थे और नदी में पानी का भयंकर बहाव हो रहा था।
अधिकारियों ने बिना एक सेकंड गंवाए बड़ा फैसला लिया और आनन-फानन में डैम के सभी 6 गेट बंद करा दिए। पानी का बहाव कम होते ही प्रशासन ने स्थानीय रहिवासियों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और कड़ी की मशक्कत के बाद युवती को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। फिलहाल युवती सुरक्षित है और पुलिस उससे पूछताछ कर परिजनों से संपर्क कर रही है।
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