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तीन दिवसीय कार्यशाला में पंचायत विकास और जल संरक्षण पर जोर

प्रकाश चंद झा, बेद प्रकाश व सुप्रतीक ने प्रशिक्षणार्थियों को दी जानकारी

रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। हजारीबाग जिला में पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, जनप्रतिनिधियों एवं पंचायत कर्मियों की कार्यक्षमता बढ़ाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। आयोजित कार्यशाला में पंचायत प्रतिनिधियों, रोजगार सेवकों एवं पंचायत सहायकों को पंचायत विकास, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, जल संरक्षण, जल संचयन एवं जनभागीदारी से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।

जानकारी के अनुसार कार्यशाला में प्रशिक्षक प्रकाश चंद झा, बेद प्रकाश एवं सुप्रतीक ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया। तीनों प्रशिक्षकों ने पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने, ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा जल संरक्षण को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
इस अवसर पर प्रकाश चंद झा ने कहा कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचे। प्रशिक्षक प्रकाश चंद झा ने कहा कि पंचायत लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण इकाई है। पंचायत स्तर पर योजनाओं का सही क्रियान्वयन होने से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति तेज होती है।

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों एवं कर्मियों को योजनाओं की पूरी जानकारी होना जरूरी है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान तक पहुंच सके। प्रशिक्षक बेद प्रकाश ने कहा कि वर्तमान समय में जल संरक्षण सबसे महत्वपूर्ण विषयों में से एक है। गांवों में मौजूद तालाब, कुआं एवं अन्य जलस्रोतों को बचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है। वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देकर भविष्य में होने वाले जल संकट को कम किया जा सकता है। सुप्रतीक ने कहा कि तीन दिवसीय कार्यशाला का उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों एवं कर्मियों को विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की व्यवहारिक जानकारी देना है। प्रशिक्षण में मिली जानकारी को पंचायत स्तर पर लागू करने से विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता आएगी।

कार्यशाला में शामिल मुखिया सुमित्रा कुमारी ने कहा कि प्रशिक्षण से पंचायत की विकास योजनाओं को बेहतर तरीके से समझने और धरातल पर लागू करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए पंचायत स्तर पर बेहतर समन्वय के साथ काम किया जाएगा। विजय कुमार जायसवाल ने कहा कि सरकारी योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाना जरूरी है। प्रशिक्षण से योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया को समझने का अवसर मिला। सरिता देवी ने कहा कि गांव के विकास के साथ प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी जरूरी है। जल संरक्षण के लिए ग्रामीणों को जागरूक करना समय की आवश्यकता है। मंजू देवी ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने के लिए जनप्रतिनिधियों और कर्मियों को मिलकर काम करना चाहिए।

उप मुखिया पंचानन महतो ने कहा कि पंचायत के विकास के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है। प्रशिक्षण में मिली जानकारी विकास कार्यों को बेहतर बनाने में उपयोगी होगी। रोजगार सेवक अनिल कुमार महतो ने कहा कि ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं को सही लाभुकों तक पहुंचाना प्राथमिकता है। प्रशिक्षण से योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी मिली। भीम कुमार ने कहा कि पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को समय पर पूरा कराने के लिए बेहतर समन्वय आवश्यक है। ओम प्रकाश नायक ने कहा कि जल संरक्षण को पंचायत स्तर पर प्राथमिकता देने की जरूरत है।

जलस्रोतों को बचाकर ही आने वाली पीढ़ी के लिए पानी सुरक्षित रखा जा सकता है। दशरथ बेदिया ने कहा कि विकास योजनाओं में ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ने से योजनाओं का बेहतर परिणाम सामने आएगा। अखिलेश्वर रजवार ने कहा कि प्रशिक्षण से सरकारी योजनाओं एवं पंचायत स्तर पर जिम्मेदारियों को समझने में काफी मदद मिली। पदम लोचन गोराई ने कहा कि ग्रामीण विकास के साथ जल संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी है। रजनीकांत ने कहा कि प्रशिक्षण में मिली जानकारी को पंचायत स्तर पर होने वाले कार्यों में लागू करने का प्रयास किया जाएगा।

पंचायत सहायक मिंटी सिंहा ने कहा कि पंचायत सहायकों के लिए यह प्रशिक्षण काफी उपयोगी रहा। इससे पंचायत से जुड़े कार्यों को व्यवस्थित तरीके से करने की जानकारी मिली। नरेंद्र महतो ने कहा कि पंचायत कार्यालय से जुड़े कार्यों को बेहतर तरीके से संचालित करने में प्रशिक्षण मददगार साबित होगा। विवेक शर्मा ने कहा कि योजनाओं की सही प्रक्रिया की जानकारी होने से पंचायत के कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। साधना देवी ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को भी सरकारी योजनाओं और जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने की जरूरत है। निर्मला देवी ने कहा कि पानी की बचत सभी की जिम्मेदारी है।

पंचायत स्तर से जल संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ानी चाहिए। पारु देवी ने कहा कि गांव के तालाब, कुआं एवं अन्य जलस्रोतों को बचाने के लिए ग्रामीणों को सामूहिक रूप से प्रयास करना चाहिए। अंजना देवी ने कहा कि विकास योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाना पंचायत की प्राथमिकता होनी चाहिए। झलकि देवी ने कहा कि स्वच्छता के साथ जल संरक्षण पर ध्यान देकर गांव को बेहतर बनाया जा सकता है। पुष्पा देवी ने कहा कि पंचायत के विकास में महिलाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण है। महिलाओं को सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलनी चाहिए।

रूपलाल महतो ने कहा कि पंचायत के विकास के लिए योजनाओं का सही समय पर और सही तरीके से क्रियान्वयन आवश्यक है। आशीष महतो ने कहा कि प्रशिक्षण से पंचायत स्तर पर होने वाले विकास कार्यों को समझने का अवसर मिला है। हेमंत महतो ने कहा कि भविष्य में पानी की समस्या से बचने के लिए अभी से जल संरक्षण पर गंभीरता से काम करना जरूरी है। ब्रजमोहन महतो ने कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और ग्रामीणों की भागीदारी से पंचायत को और मजबूत बनाया जा सकता है। विकास करमाली ने कहा कि प्रशिक्षण से मिली जानकारी पंचायत के विकास कार्यों में उपयोगी साबित होगी। सभी को मिलकर ग्रामीण विकास के लिए काम करना चाहिए।

प्रशिक्षणार्थियों ने लिया विकास कार्यों को बेहतर बनाने का संकल्प तीन दिवसीय कार्यशाला के दौरान पंचायत राज व्यवस्था, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, जल संरक्षण, जल संचयन एवं ग्रामीणों की सहभागिता सहित विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षकों से सवाल-जवाब कर योजनाओं से संबंधित जानकारी भी प्राप्त की। कार्यशाला के समापन पर प्रशिक्षकों ने सभी प्रतिभागियों से प्रशिक्षण में मिली जानकारी को अपने-अपने पंचायत क्षेत्रों में लागू करने तथा ग्रामीण विकास, जल संरक्षण और सरकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

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