रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के धधकिया गांव स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में 3 सितंबर को बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ एक अनोखा और प्रभावी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की छात्राओं ने एक स्वर में 18 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद ही विवाह करने और अपनी पढ़ाई जारी रखने का दृढ़ संकल्प लिया।
कार्यक्रम का आयोजन सहयोगिनी संस्था के तत्वावधान में किया गया, जिसका नेतृत्व संस्था की कोऑर्डिनेटर कुमारी किरण ने की। उन्होंने पारंपरिक व्याख्यान के बजाय खेल-आधारित गतिविधियों के जरिए छात्राओं को इस गंभीर मुद्दे से जोड़ा। विद्यालय के कक्षा 7 और 8 की छात्राओं ने रोचक गतिविधियों के माध्यम से यह समझा कि कम उम्र में शादी होने से किस तरह पढ़ाई छूट जाती है। स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ता है और भविष्य के सपने टूट जाते हैं। खेलों के जरिए यह संदेश दिया गया कि शिक्षा और आत्मनिर्भरता ही सशक्त भविष्य की नींव हैं।
सहयोगिनी संस्था की कोऑर्डिनेटर कुमारी किरण ने छात्राओं को बाल विवाह निषेध अधिनियम, कानूनी अधिकारों तथा सुरक्षा व्यवस्था से अवगत कराया। उन्होंने आपातकालीन स्थिति में मदद के लिए 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन तथा 181 महिला हेल्पलाइन नंबर के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के दबाव या बाल विवाह की आशंका होने पर उपरोक्त नंबरों पर तत्काल संपर्क किया जा सकता है।
इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षिकाओं ने इस अभिनव प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि खेल आधारित कार्यक्रमों से छात्राएं झिझक छोड़कर खुलकर अपनी बात रख पाती हैं और अपने अधिकारों को बेहतर ढंग से समझती हैं।
कार्यक्रम में 40 से अधिक छात्राओं के साथ शिक्षक मुकेश प्रसाद सिंह, शिक्षिका गीता कुमारी और कुमारी मंजू मुख्य रूप से उपस्थित रहे। सभी ने बाल विवाह मुक्त समाज निर्माण में अपनी भागीदारी निभाने की प्रतिबद्धता जताई।
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