विद्यालय परिसर में अभिभावक-शिक्षक गोष्ठी का आयोजन
एस. पी. सक्सेना/बोकारो। केंद्रीय विद्यालय बोकारो थर्मल में 8 अक्टूबर को पोषण माह के विशेष अवसर पर विद्यार्थियों के लिए आकर्षक और ज्ञानवर्धक पोषक व्यंजन प्रदर्शनी (नुट्रिसियस फूड एग्जिबीशन) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के बीच स्वास्थ्य, संतुलित आहार और पारंपरिक खान-पान के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण झारखंड की पारंपरिक संस्कृति की झलक रहा। विद्यार्थियों ने झारखंड के पारंपरिक और पौष्टिक व्यंजनों को उत्साह के साथ प्रदर्शित किया। प्रदर्शनी में विशेष रूप से लिट्टी-चोखा, धुस्का, छिलका रोटी, आड़सा, और मड़ुआ (रागी) से बने विभिन्न स्वास्थ्यवर्धक व्यंजन आकर्षण का केंद्र रहा। बच्चों ने विभिन्न प्रकार के मौसमी फल, अंकुरित अनाज, सलाद और मिलेट्स (श्रीअन्न) से तैयार व्यंजनों को सजाकर उनके पोषक तत्वों (विटामिन्स, प्रोटीन और मिनरल्स) के बारे में जानकारी दी।
विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने शिक्षकों के मार्गदर्शन में स्टॉल लगाए और आगंतुकों को प्रत्येक व्यंजन के स्वास्थ्य लाभों के बारे में विस्तार से समझाया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य डॉ बी. आर. डे ने उपस्थित विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के इस भौतिकवादी युग में बच्चे जंक फूड और फास्ट फूड की तरफ तेजी से आकर्षित हो रहे हैं, जो उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए हानिकारक है। कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है।
उन्होंने कहा कि झारखंड के पारंपरिक व्यंजन जैसे लिट्टी-चोखा, मड़ुआ और धुस्का न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि अत्यधिक पौष्टिक और प्राकृतिक पोषक तत्वों से भरपूर है। इस प्रकार के आयोजन बच्चों को अपनी समृद्ध खान-पान की संस्कृति से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें संतुलित आहार का महत्व भी सिखाते हैं। प्राचार्य डॉ डे तथा विद्यालय के शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों के इस प्रयास की भूरी-भूरी प्रशंसा की।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने जंक फूड को छोड़कर स्वस्थ और पारंपरिक खान-पान को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। यह प्रदर्शनी विद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों और उपस्थित अभिभावकों के लिए बेहद सफल और प्रेरणादायक रही।
विद्यालय परिसर में अभिभावक-शिक्षक गोष्ठी
इस अवसर पर विद्यालय परिसर में प्राचार्य के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में कक्षा बाल वाटिका से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के अभिभावकों के लिए अभिभावक-शिक्षक गोष्ठी का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, उपस्थिति, अनुशासन, व्यवहार तथा सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के संबंध में अभिभावकों और शिक्षकों के बीच प्रभावी संवाद स्थापित करना था एवं कक्षा दसवीं एवं बारहवीं के आगामी प्री-बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए अभिभावकों को विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई, समय-प्रबंधन, पुनरावृत्ति, अभ्यास एवं परीक्षा की तैयारी के संबंध में विशेष सुझाव दिए गए। उनकी उपस्थिति पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया गया।
गोष्ठी के दौरान कक्षा-शिक्षकों एवं विषय-शिक्षकों ने विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों तथा उनके विकास के विभिन्न पहलुओं से संबंधित जानकारी अभिभावकों के साथ साझा की। बैठक सकारात्मक एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो गया। अभिभावकों ने विद्यालय द्वारा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। प्राचार्य के अनुसार आयोजित अभिभावक-शिक्षक गोष्ठी विद्यार्थियों की प्रगति की समीक्षा एवं विद्यालय-अभिभावक संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में उपयोगी रहा।
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