रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। झारखंड कांट्रैक्टर एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से राजभवन में शिष्टाचार मुलाकात की और राज्य में संवेदकों (ठेकेदारों) के समक्ष आ रही गंभीर समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपा।
उक्त जानकारी देते हुए प्रतिनिधि मंडल के मुरली चौधरी, राकेश चौधरी, कुलेश्वर महतो आदि ने 16 अक्टूबर को कहा कि मुलाकात के दौरान राज्य में खान एवं खनन संबंधी विषयों तथा निर्माण क्षेत्र से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गयी। संवेदकों ने बताया कि पिछले 8 महीनों से बकाया सरकारी भुगतान नहीं मिलने के कारण ठेकेदारों के समक्ष आर्थिक संकट और भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
प्रतिनिधि मंडल द्वारा राज्यपाल को सौंपे गये ज्ञापन में लघु खनिज नियमावली में संशोधन व राहत की मांग की है। कहा गया है कि बीते 27 अप्रैल के संशोधन द्वारा नियम -55 को समाप्त किए जाने और 100 प्रतिशत ई-परिवहन चालान (जेएमएमएस पोर्टल) की अनिवार्यता से निर्माण कार्य पूरी तरह बाधित हो गए हैं। राज्य में वैध खनन पट्टों की नीलामी में देरी के कारण पर्याप्त चालान उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
संवेदकों ने मांग की कि जब तक नीलामी की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक दंडात्मक प्रावधानों पर अंतरिम रोक लगाई जाए और चालान की समय-सीमा में विस्तार किया जाए।
कहा गया है कि बीते 8 महीनों से अटके भुगतान को जल्द से जल्द रीलीज किया जाए, ताकि विकास कार्यों की गति बनी रहे और संवेदक आर्थिक संकट से उबर सके। कहा गया है कि निर्माण कार्यों के सुचारू संचालन से ही राज्य में बुनियादी ढांचे का विकास तेज हो सकेगा।
राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से मुरली चौधरी, कुलेश्वर महतो, विनोद प्रसाद नायक, अमरनाथ महतो, संतोष कुमार महतो, राकेश चौधरी, गौतम उपाध्याय, उदय यादव एवं लव कुमार शामिल थे। राज्यपाल ने संवेदकों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और राज्य सरकार को इस संबंध में उचित दिशा-निर्देश जारी करने तथा जल्द सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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