अवसर पहचानकर संतुलन, साहस व् आत्मविश्वास से आगे बढ़ना चाहिए-कैप्टन
सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। झारखंड की राजधानी रांची के एस.आर. डीएवी पब्लिक स्कूल पुंदाग में 25 अगस्त को राज्य स्तरीय डीएवी स्पोर्ट्स 2026, ताइक्वांडो प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ किया गया। उक्त प्रतिस्पर्धा में क्लस्टर 1 से 10 तक के 41 डीएवी विद्यालयों के लगभग 600 से अधिक युवा खिलाड़ियों ने भाग लिया।
उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि वायुसेना के पूर्व अधिकारी ग्रुप कप्तान प्रसिद्ध अल्ट्रामैराथन धावक राँची रोड रनर्स के संस्थापक सइकत चौधरी थे। इस अवसर पर एआरओ डीएवी झारखंड जोन-बी एम. के. सिन्हा, क्लस्टर प्रभारी डीएवी स्पोर्ट्स क्लस्टर टू एस. के. मिश्रा, एआरओ झारखंड जोन जे सह प्राचार्य डीएवी बरियातू बिपिन राय, एआरओ डीएवी .झारखंड जोन-जी सह प्राचार्य डीएवी हेहल ऋषु चौधरी, प्राचार्या डीएवी आनंद स्वामी तथा प्राचार्य डीएवी खलारी एवं गेम्स ऑब्जर्वर कमलेश कुमार सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
समारोह का शुभारंभ स्वागत गीत, दीप प्रज्वलन एवं जोशीले नृत्य से किया गया। इसके बाद खेल ध्वज फहराया गया और खिलाड़ियों ने खेल शपथ ग्रहण की। मुख्य अतिथि ने गुब्बारे उड़ाकर प्रतियोगिता के विधिवत शुभारंभ की घोषणा की।
मुख्य अतिथि कैप्टन सइकत चौधरी ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि ताइक्वांडो में सफलता के लिए सही समय पर सही निर्णय और सटीक प्रहार आवश्यक है।
इसी प्रकार जीवन में भी अवसर को पहचानकर संतुलन, साहस और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने खिलाड़ियों से खेल के माध्यम से अर्जित अनुशासन और एकाग्रता को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। एस. के. मिश्रा ने अपने संबोधन में ऑस्ट्रेलियाई धावकों जॉन लैंडी और रॉन क्लार्क की खेल भावना का प्रेरक प्रसंग सुनाया।
उन्होंने कहा कि डीएवी विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में शिक्षा और खेल के साथ मानवता, नैतिकता एवं संस्कारों का समान महत्व है। उन्होंने कहा कि डीएवी के विद्यार्थी दो पंखों वाले गरुड़ के समान हैं। एक पंख शिक्षा एवं खेल का और दूसरा मानवता एवं नैतिक मूल्यों का। दोनों पंखों के संतुलन से ही व्यक्ति ऊँची उड़ान भर सकता है। उन्होंने डीएवी की प्रेरणादायी विचारधारा को दोहराते हुए कहा कि भगवान मानव बनाता है, डीएवी मानवता भरता है।
डीएवी पुंदाग के प्राचार्य डॉ तापस घोष ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिता तक पहुँचना ही खिलाड़ियों की मेहनत और समर्पण की जीत है। उन्होंने खिलाड़ियों को पूरे उत्साह, अनुशासन और खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने तथा अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर 41 डीएवी विद्यालयों के लगभग 600 से अधिक खिलाड़ियों की भागीदारी ने प्रतियोगिता को भव्य स्वरूप प्रदान किया। यह आयोजन युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा और क्षमता प्रदर्शित करने के साथ-साथ अनुशासन, आत्मविश्वास, सौहार्द एवं खेल भावना जैसे जीवन-मूल्यों को आत्मसात करने का अवसर प्रदान कर रहा है।
उक्त प्रतियोगिता का संदेश स्पष्ट रहा कि कौशल के साथ अनुशासन, प्रतिस्पर्धा के साथ सौहार्द और विजय के साथ संस्कार। खिलाड़ियों ने आत्मविश्वास एवं उत्साह के साथ प्रतियोगिता में भाग लिया और खेल भावना की मिसाल प्रस्तुत की। विद्यालय के संगीत शिक्षक शैलेन्द्र कुमार पाठक के नेतृत्व में स्वागत गान की प्रस्तुति में सृष्टि नायक, प्रत्युषा, आदिवा नाज, आरोही, वैष्णवी वर्मा व अन्य छात्रों ने उम्दा प्रदर्शन किया।
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