छात्र-प्रतियोगिता के विजेता पुरस्कृत, गरीबों के बीच बांटे गए कंबल
प्रहरी संवाददाता/कसमार (बोकारो)। क्षेत्र के जाने-माने शिक्षाविद और सेवानिवृत्त शिक्षक स्व. बाबूलाल महतो की तीसरी पुण्यतिथि 28 अक्टूबर को बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के टंगटोना स्थित जगधात्री पब्लिक स्कूल के प्रांगण में पूरी श्रद्धा और सादगी के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के दौरान जहाँ एक ओर बच्चों के बीच बौद्धिक व रचनात्मक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, वहीं दूसरी ओर जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरित कर स्व. महतो को आत्मीय श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत स्व. बाबूलाल महतो के तैल चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। उपस्थित वक्ताओं ने उनके जीवन, कृतित्व और शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए अमूल्य योगदान को याद करते हुए कहा कि स्व. महतो ने अपना पूरा जीवन समाज और बच्चों को शिक्षित करने में समर्पित कर दिया था। उनके आदर्श आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्त्रोत हैं।
पुण्यतिथि के अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं के लिए विशेष प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया। बच्चों की हौसला अफजाई करते हुए वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में प्रतिस्पर्धा की भावना के साथ-साथ नैतिक मूल्यों का भी विकास होता है। शिक्षा के प्रसार के साथ-साथ सामाजिक सरोकार को निभाते हुए कार्यक्रम के दौरान इलाके के गरीबों और असहायों के बीच कंबल का वितरण किया गया। ठंड के मौसम को देखते हुए इस मानवीय पहल से जरूरतमंदों को बड़ी राहत मिली, जिसकी स्थानीय ग्रामीणों ने भी सराहना की।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख गणमान्य जनों ने स्व. बाबूलाल महतो के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर लक्ष्मण महतो ने कहा कि दिवंगत महतो एक निष्ठावान शिक्षक होने के साथ-साथ समाज के सच्चे मार्गदर्शक थे। उन्होंने कसमार क्षेत्र में शिक्षा की जो अलख जगाई थी, उसे आगे बढ़ाना ही उन्हें हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। आज उनकी पुण्यतिथि पर बच्चों को प्रोत्साहित करने और गरीबों की सेवा करने का यह आयोजन उनके विचारों को जीवंत रखता है।
दिलीप महतो ने कहा कि उनका पूरा जीवन अनुशासन, सादगी और सेवाभाव से परिपूर्ण था। शिक्षक के रूप में उन्होंने सैंकड़ों विद्यार्थियों का भविष्य संवारा। आज उनकी तीसरी पुण्यतिथि पर विद्यालय परिसर में इस तरह के रचनात्मक और परोपकारी कार्य होना उनके प्रति सच्ची कृतज्ञता है। चमन किशोर ने कहा कि शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में स्व. महतो का योगदान अविस्मरणीय है। इस आयोजन के माध्यम से नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से जुड़ने का अवसर मिला है। आयोजित प्रतियोगिताओं में बच्चों का उत्साह देखकर विश्वास होता है कि वे शिक्षा के रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं।
मौके पर सुजाता कुमारी, पूनम कुमारी आदि ने भी अपने विचार साझा की। श्रद्धांजलि और सेवा कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय परिवार, स्थानीय प्रबुद्ध जनों और ग्रामीणों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम का समापन स्व. बाबूलाल महतो के बताए मार्ग पर चलने और समाज के कल्याण के लिए निरंतर कार्य करने के संकल्प के साथ किया गया।
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