रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के टांगटोना स्थित जारा का सरकारी विद्यालय शिक्षा व्यवस्था की बदहाल तस्वीर पेश कर रहा है। लंबे समय से इस विद्यालय में महज एक शिक्षिका और एक छात्रा के भरोसे शिक्षण कार्य चल रहा है। हैरानी की बात यह है कि विद्यालय को दूसरे स्कूल में मर्ज करने के लिए विभाग को कई बार आवेदन दिया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गयी है, जिससे स्थिति हास्यास्पद हो गया है।
विद्यालय की शिक्षिका के अनुसार, एक छात्रा के लिए भी विद्यालय में रोजाना मिड डे मील तैयार होता है। यानी सरकारी स्तर पर शिक्षक, भवन, मध्याह्न भोजन और अन्य संसाधनों का खर्च लगातार जारी है, जबकि पढ़ने वाली छात्रा की संख्या केवल एक है। स्थानीय रहिवासियों का कहना है कि ऐसे विद्यालय पर सरकार को हर वर्ष अनुमानित 40 से 50 हजार रुपये या उससे अधिक का खर्च उठाना पड़ रहा है। रहिवासियों का सवाल है कि जब लंबे समय से सिर्फ एक छात्रा पढ़ रही है और मर्ज करने के लिए विभाग को सूचना दी जा चुकी है, तो आखिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? यह विद्यालय सरकारी उदासीनता और संसाधनों के उचित उपयोग पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
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