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श्रीअरविंदो सोसाइटी बेरमो सेंटर का मनाया गया स्थापना दिवस

जीवन में अपना एक लक्ष्य बनाएं-एसके झा

भागदौड़ की जिंदगी में प्रतिदिन एक घंटा अध्यात्म से जुड़ना चाहिए-राजीव कुमार सिंह

एन. के. सिंह/बेरमो (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में करगली के बिनोद बिहारी महतो फुटबॉल स्टेडियम स्थित श्रीअरविंदो सोसाइटी के बेरमो सेंटर का 54वां स्थापना दिवस बीते 8 सितंबर को मनाया गया।

बेरमो सेंटर में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत मातृ ध्वजारोहण एवं पाठ चक्र से की गयी। दिन 10 से 10.30 बजे तक सामूहिक ध्यान व प्रसाद का वितरण किया गया। 11 बजे से दोपहर एक बजे तक श्रीमां एवं श्रीअरविंद के जीवन दर्शन पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि सीसीएल बीएंडके क्षेत्र के महाप्रबंधक (जीएम) एस के झा ने श्रीअरबिंदो एवं श्रीमां के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर सीसीएल ढोरी क्षेत्र के महाप्रबंधक (जीएम) राजीव कुमार सिंह ने कहा कि भागदौड़ की जिंदगी में प्रतिदिन एक घंटा समय निकाल कर अध्यात्म से जुड़ना चाहिए। कहा कि शाखा आध्यात्मिक स्थल है। यहां आकर ध्यान लगाने से दू:खों को भूलकर शांति महसूस होती है। कहा कि महर्षि अरविंद आध्यात्मिक क्रांति की पहली चिंगारी थे। वे बंगाल के महान क्रांतिकारियों में से एक थे।

बीएडके महाप्रबंधक एस के झा ने कहा कि जीवन में एक लक्ष्य बनाए, लक्ष्यहीन जीवन व्यर्थ है। जब तक लक्ष्य नहीं है तब तक भटकाव है। सर्वप्रथम जीवन में अपना एक लक्ष्य बनाएं। लक्ष्य को पाने के लिए उसके अनुसार ज्ञान अर्जित कीजिए। ज्ञान अर्जित करने के लिए स्वाध्याय कीजिए। कहा कि महापुरुषों का अनुकरण से जीवन के मुख्य लक्ष्य की प्राप्ति होती है। मानव शरीर भगवान का भजन और भक्ति के लिए मिला है, यही एक साधन है। इससे भवसागर पार किया जा सकता है। सब कुछ ईश्वर है। अपने मन, बुद्धि, भावना व इच्छा को पवित्र करें। अपने आपको पूरी तरह बदलो। आनंद ऐसा हो, जिसमें कोई उतार – चढ़ाव नहीं हो। कहा कि इस तरह की संस्था में आकर आम जीवन की समस्याओं का समाधान खोज सकते हैं।

बेरमो के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) मुकेश कुमार ने कहा कि इस तरह की संस्था से शांति मिल सकती है। सोसाइटी के पूर्व चेयरमैन मधुसूदन प्रसाद सिंह ने कहा कि श्रीअरविंदो सोसाइटी एक अथाह सागर है। श्रीअरविंदो का पूरा जीवन अनंत और विशाल है। सोसाइटी के चेयरमैन ओम शंकर सिंह ने कहा कि श्रीमां श्रीअरविंदो की शिष्या और सहचरी थी। श्रीअरविंदों उन्हें दिव्य जननी का अवतार कहा करते थे।

इस अवसर पर सोसाइटी के सदस्य ने प्रार्थना, संगीत, उदयन बासु ने भक्ति गीत, श्रीअरबिंदो की चरना सावित्री की पाठ की गयी। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक उमेश सिंह व् भाई प्रमोद सिंह ने किया। मौके पर सोसाइटी के वरीय पदाधिकारी नागेश्वर यादव सहित विनय कुमार सिंह, बैजनाथ सिंह, केदार सिंह, बृज बिहारी पांडेय, राम नरेश द्विवेदी, जवाहर लाल यादव, झब्बू तिवारी, पंकज पांडेय, अनिल चंद्र झा, बंसत पाठक, संजय प्रसाद, गौर प्रमाणिक, बिनोद सिंह, महेश महतो, रामाकृष्णा, प्रशांत, राजेश सहित सैकड़ो गणमान्य उपस्थित थे।

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