अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर सारण जिला के हद में सोनपुर स्थित श्रीराधा-कृष्ण मंदिर के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के तृतीय दिवस 9 सितंबर को भक्तिमय वातावरण रहा।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के वृंदावन धाम से पधारे प्रख्यात कथा प्रवक्ता, भागवत रत्न आचार्य सुमन्त कृष्ण शास्त्री उर्फ कन्हैयाजी महाराज ने कहा कि भगवान की कथा के श्रवण मात्र से मानसिक तनाव दूर होता है। विषम परिस्थिति में भी भगवान का चिंतन नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि पांडवों से यह शिक्षा लेनी चाहिए कि सब कुछ खो देने के बाद भी उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण का साथ नहीं छोड़ा।
कुंती स्तुति प्रसंग की व्याख्या करते हुए कथावचक कन्हैयाजी महाराज ने कहा कि दु:ख के समय घबराने के बजाय भगवान का भजन-कीर्तन और अधिक करना चाहिए। जैसे धूप-बारिश में छाता और बीमारी में दवा हमारी रक्षा करती है, वैसे ही संकट काल में भजन का आश्रय लेना चाहिए। भगवान को पाने के लिए अवस्था और व्यवस्था की नहीं, बल्कि आस्था की आवश्यकता होती है। कहा कि भक्त ध्रुवजी ने मात्र पांच वर्ष की अवस्था में अपनी अटूट आस्था से भगवान को प्राप्त कर लिया था।
कथा प्रसंग के अनुसार ध्रुव-नारायण की मनोहारी झांकी का दर्शन कराया गया, जिससे पंडाल में उपस्थित सभी भक्तों ने खूब आनंद प्राप्त किया। पूरे पंडाल में राधे-राधे की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो गया। आज के यजमान डॉ मिथिलेश कुमार एवं संजय कुमार सिंह रहे। आयोजकों ने बताया कि 10 सितंबर को भगवान का छठिहार एवं महाप्रसाद सोनपुर नखास रहिवासी ठेकेदार संजय सिंह के सौजन्य से आयोजित होगा। इस अवसर पर सतीश बाबा, फूल झा, दिलीप झा, मुकेश कुमार सिंह बबलू, अशोक सिंह, शिक्षक हरिनाथ सिंह, मानवेंद्र सिंह सोनू, नवीन कुमार सिंह मुन्ना सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।
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