चेंबूर के सरस्वती विद्यालय में 54वीं वार्ड स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी
मुश्ताक खान/मुंबई। चेंबूर के सरस्वती विद्यालय में 54वीं वार्ड स्तरीय भव्य विज्ञान प्रदर्शनी का आगाज हो चूका है। तीन दिवसीय इस प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने अपनी वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार का बेहतर प्रदर्शन किया। विज्ञान के विभिन्न पहलुओं पर आधारित मॉडल और प्रयोग विद्यार्थियों की प्रतिभा, लगन और जूनून को दिखाता है। इस प्रदर्शनी में एम पश्चिम वार्ड से 50 से अधिक विद्यालयों के कुल 65 विद्यार्थियों ने विज्ञान परियोजनाएं प्रस्तुत की। बता दें कि इस मंच के जरीय विद्यार्थियों को प्रतिभा दिखाने का बेहतर अवसर मिला है।

गौरतलब है कि विज्ञान प्रदर्शनी में विद्यार्थियों के लिए पाठ्यपुस्तकों में सीखी गई अवधारणाओं को प्रयोगों और मॉडलों के जरिए समझाने का महत्वपूर्ण अवसर होती है। ऐसे आयोजनों से छात्रों में सवाल पूछने, नई चीजें सीखने और समस्याओं के व्यावहारिक समाधान खोजने की प्रवृत्ति विकसित होती है। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों की परियोजनाओं के माध्यम से विज्ञान और तकनीक के दैनिक जीवन में उपयोग को समझने का अवसर मिलेगा। पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा, जल प्रबंधन और आधुनिक तकनीक जैसे विषय विज्ञान शिक्षा को व्यावहारिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
हालांकि, इस आयोजन में प्रस्तुत किए जाने वाले विशिष्ट मॉडलों की सूची की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इससे विद्यार्थियों में बढ़ेगी नवाचार की भावना, विज्ञान प्रदर्शनी केवल मॉडल प्रदर्शित करने का मंच नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, प्रयोगशीलता और टीम भावना विकसित करने का भी माध्यम है। इस तरह की गतिविधियां बच्चों को अपनी कल्पनाओं को वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ वास्तविक रूप देने के लिए प्रेरित करती हैं।
विज्ञान प्रदर्शनी का उद्घाटन बीपीसीएल के मुख्य महाप्रबंधक संजीव पिल्लई ने किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. के जे दिवाकर, (अनुसंधान और विकास निदेशक), राजशेखर रामदोरा (ट्रस्टी), हरलीन योगेश रतानी, आशा ताई मराठे, स्थानीय विधायक तुकाराम काते, जयशंकर पी (बीपीसीएल), प्रसाद पाखरे (बीपीसीएल), डॉ. स्वाती कोटा (बीएआरसी), श्रीधर एन, श्रीमती भक्ति गोर, उप सहायक शिक्षा निरीक्षक श्रीमती भक्ति गोर, उप सहायक शिक्षा निरीक्षक, उत्तर विभाग के अलावा के अलावा कार्यक्रम के अध्यक्ष, डॉ. मुश्ताक शेख, शिक्षा निरीक्षक उत्तर विभाग मौजूद थे।

इस अवसर पर श्रीमती तुलसीबाई मोटूमल हिंदुजा नेशनल सर्वोदय हाई स्कूल एंड जूनियर कॉलेज के प्रिंसिपल अनिल कृपलानी, शिक्षक संसथान राजन म्हाडेश्वर आदि गणमान्य शिक्षक और शिक्षिकाएं मौजूद थीं। बताया जाता है कि अंग्रेजी माध्यम के सरस्वती विद्यालया, सरकारी मान्यता प्राप्त है। 1952 से चल रहे इस विद्यालया के नाम उल्लेखनीय उपलब्धियां हैं। इस विद्यालय की प्रिंसिपल एलिजाबेथ एलेक्स हैं।
Tegs: #Child scientists showcased their creativity; guests were impressed by the exhibition
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