Advertisement

पर्युषण पर्व के छठे दिन जप दिवस व् मंत्र जप की महत्ता विधि से अवगत हुए श्रावक

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। श्रीजैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा चास-बोकारो के तत्वावधान में चास के पुराना कुलदीप टॉकीज कॉम्प्लेक्स स्थित माणकचंद छल्लाणी के निवास स्थान में मनाए जा रहे पर्युषण पर्व के छठे दिन 13 सितंबर को आचार्यश्री महाश्रमणजी के आध्यात्मिक निर्देशन में जप दिवस मनाया गया।

उपासिका शांति गुजरानी एवं सहयोगिनी निहारिका सिंघी ने इस अवसर पर जप की महत्ता से अवगत कराते हुए मंत्रों का विशद विवेचन किया। साथ ही विधियों से भी अवगत कराया। उन्होंने कहा कि एक शब्द की आवृत्ति करना, उसे बार-बार दोहराना जप कहलाता है। जप का अर्थ है मंत्र की पुनरावृत्ति। वैदिक परपरा को देखें, जैन या बौद्ध परंपरा को देखें तो सबने मंत्रों का चुनाव किया है।

उपासिका गुजरानी ने कहा कि दुनिया में अनेक प्रकार के मंत्र होते है।  ऊं की रचना पर प्रकाश डालते हुए व्याकरणिक दृष्टि से उन्होंने इसका विवेचन किया। बताया कि जैन धर्म के अनुसार इस छोटे से मंत्र में पाच पदों का समावेश है। अर्हम का जप लयबद्ध करने से एक प्रकार का रसायन बनता है, जो हमारे भीतर के विकारों का शमन कर हमें पवित्र बनाता है। कहा कि मंत्र तो अनेक है, लेकिन नमस्कार महामंत्र मंत्राधिराज है। यह सभी पापों का नाश करने वाला है। यह मंत्र बड़ा चमत्कारिक है। इसकी विशेषता यह है कि किसी व्यक्ति विशेष का नाम नहीं है। इस अवसर पर माला के 108 मनकों का विधान भी बताया गया।

मौके पर गरिमा लोढ़ा, मोहिनी लोढ़ा, कनक जैन, निकिता, सिद्धि, पार्श्वव, अरिहंत, बबीता कोठारी, जयचंद, प्रकाश कोठlरी, मदन चौरड़िया, किरण पारीख सहित दर्जनों गणमान्य मौजूद रहे। जैन समाज के मीडिया प्रभारी सुरेश बोथरा ने जानकारी देते हुए बताया कि 14 सितंबर को ध्यान दिवस मनाया जाएगा।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *