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जेएलकेएम उपाध्यक्ष ने की झारखंड में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग

रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के कसमार प्रखंड उपाध्यक्ष अनुज कुमार ने राज्य की मौजूदा राजनीतिक एवं प्रशासनिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए झारखंड में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की है।

उन्होंने 23 अगस्त को कहा कि राज्य में शासन-प्रशासन की व्यवस्था लगातार कमजोर होती जा रही है और आम जन से जुड़े कई गंभीर मुद्दों का समाधान समय पर नहीं हो पा रहा है। ऐसे में राज्य के हित में केंद्र सरकार को पूरे मामले पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। जेएलकेएम उपाध्यक्ष अनुज ने कहा कि झारखंड की जनता ने बेहतर शासन, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी और भ्रष्टाचार से मुक्ति की उम्मीद के साथ सरकार को जिम्मेदारी सौंपी थी।

वर्तमान परिस्थितियों में जनता की अपेक्षाओं और जमीनी हकीकत के बीच काफी अंतर दिखाई दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी के कारण आम जनों में निराशा बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि युवा वर्ग रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर लगातार आंदोलन कर रहा है।

कहा कि हाल के दिनों में जेएलकेएम समेत विभिन्न संगठनों ने जेपीएससी-जेएसएससी से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच और छात्रों के हित में कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन किया है। कहा कि झारखंड प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है, इसके बावजूद बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी आमजनों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि सरकार को इन मुद्दों पर केवल घोषणाओं तक सीमित रहने के बजाय धरातल पर ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। जेएलकेएम उपाध्यक्ष ने कहा कि राज्य में व्याप्त समस्याओं की निष्पक्ष समीक्षा जरूरी है। उन्होंने केंद्र सरकार और झारखंड के राज्यपाल से आग्रह किया कि झारखंड की वर्तमान स्थिति का संवैधानिक दायरे में मूल्यांकन किया जाए और यदि राज्य सरकार संवैधानिक व्यवस्था के अनुरूप शासन चलाने में विफल साबित हो रही है तो राष्ट्रपति शासन लागू करने पर विचार किया जाए।

कहा कि उनकी मांग किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि राज्य की जनता के हित में है। उन्होंने कहा कि झारखंड के युवाओं, किसानों, मजदूरों, महिलाओं और गरीब परिवारों को बेहतर व्यवस्था और न्याय मिलना चाहिए। इसके लिए शासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण जरूरी है। कहा कि जेएलकेएम आने वाले दिनों में जनहित के मुद्दों को लेकर अपनी आवाज और मजबूती से उठाएगा।

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं एवं आम जनों से लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों और समस्याओं को लेकर आवाज उठाने की अपील की। कहा कि झारखंड की जनता को ऐसी व्यवस्था चाहिए जिसमें सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान तक पहुंचे, युवाओं को रोजगार मिले और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगे। यदि मौजूदा व्यवस्था इन अपेक्षाओं को पूरा करने में विफल है तो संवैधानिक स्तर पर वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार करना आवश्यक होगा।

 

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