झारखंड के खनिज संसाधनों पर पहला अधिकार राज्य का-बेरमो विधायक
रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। झारखंड प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर बोकारो जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से 27 अगस्त को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष चंदा चोरी और एमएमडीआर संशोधन विधेयक-2026 के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए झारखंड के खनिज संसाधनों पर राज्य के अधिकार की रक्षा करने की मांग की।
बताया जाता है कि प्रदर्शन में बेरमो विधायक कुमार जयमंगल सिंह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। नेताओं ने कहा कि झारखंड की धरती से निकलने वाला कोयला और अन्य खनिज केवल प्राकृतिक संपदा नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था और पहचान का महत्वपूर्ण आधार हैं। ऐसे में राज्य के राजस्व और अधिकारों को कमजोर करने वाले किसी भी फैसले का विरोध किया जाएगा।
बेरमो विधायक कुमार जयमंगल सिंह ने कहा कि झारखंड के खनिज संसाधनों से राज्य को उचित राजस्व और अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोयले पर राज्य की हिस्सेदारी ₹785 से घटाकर ₹334 प्रति टन करना झारखंड के हितों के साथ अन्याय है। केंद्र सरकार को राज्यों के अधिकार सीमित करने के बजाय झारखंड के बकाये का हिसाब देना चाहिए और राज्य को उसका हक दिलाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ₹1.36 लाख करोड़ के बकाये का सवाल झारखंड की जनता के अधिकार से जुड़ा है। झारखंड की धरती से निकलने वाले कोयले और खनिज से राज्य को उसका उचित हिस्सा मिलना चाहिए। कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी और राज्य के अधिकारों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एमएमडीआर संशोधन विधेयक-2026 को वापस लेने की मांग की। नेताओं ने कहा कि झारखंड अपने हक से पीछे नहीं हटेगा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने चंदा चोरी नहीं चलेगी, झारखंड के खनिज पर चोट नहीं चलेगी जैसे नारे लगाए। नेताओं ने कहा कि झारखंड के प्राकृतिक संसाधनों का लाभ राज्य की जनता और राज्य के विकास में मिलना चाहिए। इसके लिए पार्टी आगे भी जनहित के मुद्दों को लेकर आंदोलन जारी रखेगी।
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