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खैराचातर में आयोजित सावन महोत्सव में महिलाओं ने साझा की खुशियां

रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के खैराचातर स्थित प्रहरी मेला मैदान के समीप 23 अगस्त को स्थानीय महिलाओं द्वारा सावन महोत्सव का आयोजन किया गया। महोत्सव में खैराचातर पंचायत सहित आसपास के गांवों की दर्जनों महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस अवसर पर गीत-संगीत, समूह नृत्य, विभिन्न प्रतियोगिताओं और झूले के साथ महिलाओं ने सावन के उल्लास को साझा किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्सव और उमंग का माहौल बना रहा।

कार्यक्रम में महिलाओं ने सावन के पारंपरिक गीतों पर समूह नृत्य प्रस्तुत किया। इसके अलावा महिलाओं के बीच कई मनोरंजक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। हरे रंग की साड़ी, चूड़ी और बिंदी में सजी महिलाएं सावन की पारंपरिक छटा बिखेरती नजर आई। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने झूलों का भी आनंद लिया। इसके बाद सभी ने एक साथ बैठकर सामूहिक भोजन किया और एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा कीं।

इस अवसर पर पूर्व पंचायत समिति सदस्य स्वर्णलता जायसवाल ने कहा कि सावन महोत्सव महिलाओं को एक साथ मिलने-जुलने और अपनी खुशियां साझा करने का बेहतर अवसर देता है। महिलाएं परिवार और घरेलू जिम्मेदारियों में व्यस्त रहती हैं। ऐसे आयोजन उन्हें कुछ समय मनोरंजन और आपसी संवाद के लिए देते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से महिलाओं में आपसी सहयोग, प्रेम और एकजुटता बढ़ती है। पूर्व मुखिया प्रतिमा देवी ने कहा कि सावन महोत्सव केवल मनोरंजन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिलाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच भी है।

गीत, संगीत, नृत्य और प्रतियोगिताओं में महिलाओं ने जिस उत्साह के साथ भाग लिया, वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं के लिए ऐसे कार्यक्रम लगातार आयोजित होने चाहिए। रहिवासी अनिमा देवी ने कहा कि महिलाएं घर-परिवार की जिम्मेदारियों में दिनभर व्यस्त रहती हैं। ऐसे में सावन महोत्सव उन्हें कुछ समय हंसी-खुशी के साथ बिताने का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में गीत-संगीत, नृत्य और प्रतियोगिताओं के साथ झूले का आनंद लेना महिलाओं के लिए यादगार रहा।

नीलम जायसवाल ने कहा कि सावन का महीना महिलाओं के लिए विशेष उत्साह लेकर आता है। हरे परिधान में महिलाओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और आकर्षक बना दिया। उन्होंने कहा कि सभी महिलाओं ने मिलकर सावन की खुशियां मनाईं और एक-दूसरे के साथ समय बिताया। कुमारी मिट्ठू ने कहा कि सावन महोत्सव महिलाओं के लिए खुशी और आपसी मिलन का अवसर है। महिलाएं साल भर घर-परिवार की जिम्मेदारियों में व्यस्त रहती हैं। ऐसे आयोजन उन्हें अपनी सहेलियों और आसपास की महिलाओं के साथ कुछ समय खुशी से बिताने का अवसर देते हैं।

कहा कि भविष्य में भी इस तरह के आयोजन होते रहने चाहिए। पार्वती राय ने कहा कि महोत्सव में आसपास के गांवों की महिलाओं के एक जगह जुटने से आपसी मेलजोल बढ़ता है। इस तरह के कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं के बीच सामाजिक संबंधों को मजबूत करते हैं। रेखा देवी ने कहा कि सावन महोत्सव में महिलाओं ने मिलकर गीत गाए, नृत्य किया और प्रतियोगिताओं में भाग लिया। ऐसे आयोजन महिलाओं के जीवन में उत्साह और नई ऊर्जा भरते हैं।

सुनीता जायसवाल ने कहा कि महिलाओं का एक साथ मिलकर कार्यक्रम आयोजित करना आपसी सहयोग और एकजुटता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सावन महोत्सव के माध्यम से महिलाओं को अपनी व्यस्त दिनचर्या से अलग कुछ समय खुशी के साथ बिताने का अवसर मिला। कार्यक्रम में अपर्णा देवी ने कहा कि सावन के अवसर पर झूले का आनंद लेने की परंपरा रही है। महोत्सव में महिलाओं ने झूलों के साथ गीत-संगीत और नृत्य का आनंद लिया। रूमा देवी ने कहा कि सामूहिक भोजन और आपसी बातचीत ने कार्यक्रम को और खास बना दिया। प्रमिला देवी ने कहा कि सावन महोत्सव जैसे कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं को मनोरंजन के साथ अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर है।

सुमन कुमारी ने कहा कि महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लिया। ऐसे आयोजन आगे भी होते रहने चाहिए। रितु भगत ने कहा कि सावन महोत्सव में शामिल होकर उन्हें काफी खुशी मिली। पूनम जायसवाल ने कहा कि हरे परिधान में सजी महिलाओं ने सावन की सुंदरता को जीवंत कर दिया। सपना जायसवाल ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम महिलाओं को अपनी रोजमर्रा की व्यस्तता से बाहर निकलकर खुशी के कुछ पल बिताने का अवसर देते हैं।

मानवी जायसवाल ने कहा कि गीत-संगीत और नृत्य के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लेकर महिलाओं ने खूब आनंद उठाया। उज्ज्वला राय ने कहा कि सावन महोत्सव महिलाओं के बीच प्रेम, भाईचारे और आपसी सहयोग को बढ़ाने वाला कार्यक्रम है। खुशबू कुमारी ने कहा कि कार्यक्रम में शामिल सभी महिलाओं में काफी उत्साह था। उर्मी सिंह ने कहा कि सावन महोत्सव ग्रामीण महिलाओं के लिए मनोरंजन के साथ-साथ आपसी संवाद का अच्छा माध्यम है। मालती राय ने कहा कि कार्यक्रम में महिलाओं ने एक-दूसरे के साथ मिलकर सावन की खुशियां मनाईं। अनीता देवी ने कहा कि सामूहिक रूप से त्योहार मनाने से आपसी संबंध और मजबूत होते हैं। कंचन जायसवाल ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी से सावन महोत्सव काफी आकर्षक रहा। अष्टमी देवी ने कहा कि गीत-संगीत और प्रतियोगिताओं ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। गीता देवी ने कहा कि सावन महोत्सव के माध्यम से महिलाओं को साथ बैठने और अपनी बातें साझा करने का अवसर मिला। टेसू लता वर्मा ने कहा कि महिलाओं ने हरे परिधान में सावन की परंपरा को जीवंत किया।

कार्यक्रम का अनुभव काफी अच्छा रहा। रीता देवी ने कहा कि झूले और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने महिलाओं के उत्साह को और बढ़ाया। बेबी देवी ने कहा कि सावन महोत्सव में शामिल होकर महिलाओं ने जमकर आनंद उठाया। अंशु देवी ने कहा कि महिलाओं के लिए इस तरह के सांस्कृतिक आयोजन जरूरी हैं। इससे उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है। संतोषी जायसवाल ने कहा कि महोत्सव में महिलाओं की अच्छी भागीदारी रही और सभी ने मिलकर खुशियां साझा कीं। श्वेता जायसवाल ने कहा कि सावन महोत्सव ने महिलाओं को एक साथ आने और मनोरंजन करने का अवसर दिया। सीमा देवी ने कहा कि महिलाओं ने गीत-संगीत और नृत्य के साथ प्रतियोगिताओं में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

महोत्सव में रेखा देवी, सुनीता जायसवाल, अपर्णा देवी, रूमा देवी, प्रमिला देवी, सुमन कुमारी, रितु भगत, पूनम जायसवाल, सपना जायसवाल, मानवी जायसवाल, उज्ज्वला राय, खुशबू कुमारी, उर्मी सिंह, मालती राय, अनीता देवी, कंचन जायसवाल, अष्टमी देवी, गीता देवी, टेसू लता वर्मा, रीता देवी, बेबी देवी, अंशु देवी, संतोषी जायसवाल, श्वेता जायसवाल, सीमा देवी, रेखा जायसवाल, सीमा वर्मा, सुनीता भगत, डोली जायसवाल, सुनीता देवी, अपर्णा देवी, खुशबू दत्ता, रूमा देवी, विमला राय सहित दर्जनों महिलाएं शामिल हुईं। कार्यक्रम का संचालन नायरा ने किया।

 

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