दलहन उत्पादन, प्रमाणित बीज उपलब्धता व् किसानों के प्रशिक्षण पर जोर
एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला उपायुक्त अजय नाथ झा की अध्यक्षता में 29 अक्टूबर को जिला मुख्यालय स्थित डीसी कार्यालय कक्ष में आत्मा (कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण) की प्रबंध समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 की जिला कृषि विस्तार कार्य योजना, किसानों के प्रशिक्षण, दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने, गुणवत्तायुक्त प्रमाणित बीज की उपलब्धता की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध पूरा करने का निर्देश दिया।
जानकारी के अनुसार आत्मा की बैठक में जिला कृषि विस्तार कार्ययोजना के तहत दलहन उत्पादन को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया गया। किसानों को बेहतर कृषि तकनीकों से जोड़ने तथा कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर चर्चा की गई। इस क्रम में कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) के सहयोग एवं मार्गदर्शन से दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने तथा प्रमाणित बीज उत्पादन की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में कहा गया कि किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराना आवश्यक है। बीज की समय पर आपूर्ति नहीं होने से किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज प्राप्त करने में कठिनाई होती है। इस समस्या के समाधान के लिए प्रमाणित बीज उत्पादन एवं उसकी उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में आवश्यक पहल करने पर जोर दिया गया।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत किसानों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर भी चर्चा की गयी। इसके अंतर्गत अंतरराज्यीय, राज्य के भीतर तथा जिला स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं। अंतरराज्यीय प्रशिक्षण के तहत 25 किसानों को पांच दिवसीय प्रशिक्षण के लिए भेजने का प्रावधान है। इसके लिए भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान वाराणसी तथा चावल अनुसंधान केंद्र कटक जैसे संस्थानों का उल्लेख किया गया। संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए स्वीकृति एवं आवंटन प्राप्त होने की जानकारी दी गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि प्रशिक्षण के लिए किसानों का चयन पारदर्शी एवं उद्देश्यपरक तरीके से किया जाए।
चयन में किसानों की कृषि संबंधी रुचि, अनुभव, प्रगतिशील सोच तथा नई तकनीकों को अपनाने की क्षमता को प्राथमिकता दी जाए, ताकि प्रशिक्षण का वास्तविक लाभ कृषि कार्यों में मिल सके। उन्होंने संबंधित समिति, कृषि विभाग, नाबार्ड, कृषि विज्ञान केंद्र तथा अन्य संबंधित संस्थानों के प्रतिनिधियों को आपसी समन्वय से योग्य किसानों की सूची तैयार करने को कहा। साथ ही, चयन प्रक्रिया को एक सप्ताह के भीतर पूरा कर प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
बैठक में डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति की समीक्षा के दौरान जिले में सर्वे की धीमी गति पर चिंता जताई गई। समीक्षा में बताया गया कि बोकारो जिले में कुल 8,75,924 सर्वे के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 4,11,254 सर्वे पूरे किए गए हैं। इस प्रकार सर्वे की प्रगति लगभग 46.95 प्रतिशत है। सर्वे के अनुमोदन की स्थिति में भी सुधार की आवश्यकता बताई गई। उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि प्रखंडवार सर्वे की स्थिति की नियमित समीक्षा करें तथा सर्वे कार्य में तेजी लाते हुए निर्धारित लक्ष्य पूरा करें। उन्होंने पूर्ण हो चुके सर्वे का अनुमोदन शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि सर्वे एवं अनुमोदन की प्रक्रिया लंबित नहीं रहे।
बैठक में उपायुक्त ने जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति का प्रतिवेदन प्रत्येक 12 घंटे पर प्राप्त कर उसकी समीक्षा करें। साथ हीं प्रखंडवार सर्वे एवं अनुमोदन की अद्यतन स्थिति पर विशेष निगरानी रखी जाए। कहा कि जिन प्रखंडों में प्रगति अपेक्षाकृत कम है, वहां संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य में तेजी लाई जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि सर्वे एवं अनुमोदन दोनों कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। इसके लिए नियमित अनुश्रवण, कार्यों की समीक्षा तथा संबंधित कर्मियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
बैठक में उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय बनाए रखते हुए स्वीकृत कार्ययोजना के अनुरूप गतिविधियों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने, आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रसार तथा कृषि उत्पादन में वृद्धि के उद्देश्य से निर्धारित गतिविधियों की नियमित समीक्षा करने पर जोर दिया। बैठक में प्रशिक्षु आईएएस अरविंद राधाकृष्णन, जिला कृषि पदाधिकारी मो. शाहिद अंसारी, एपीआरओ अविनाश कुमार सिंह सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
![]()













Leave a Reply