गंगोत्री प्रसाद सिंह/हाजीपुर (वैशाली)। मानव तस्करो द्वारा असम से अपहृत महज एक वर्ष के युवान को वैशाली पुलिस द्वारा बरामद कर पुनः उसे अपने माता पिता के पास भेज दिया।
जानकारी के अनुसार घटना दिसंबर 2022 की बतायी जा रही है। जब वैशाली जिला के हद में राजापाकर थाना के पुलिस पदाधिकारी द्वारा मानव तस्करी के शिकार एक वर्ष के बालक युवान को मुक्त करा कर बाल कल्याण समिति वैशाली के आदेश से विशिष्ट ग्रहण संस्थान हाजीपुर में आवासित कराया गया था।
किशोर न्याय अधिनियम 2015 एवं बालकों के दत्तक ग्रहण हेतु मार्गदर्शी सिद्धांत 2022 के प्रावधानों के आलोक में उसके माता-पिता की खोज हेतु विभिन्न स्तर से प्रयास किए गए, परंतु उनका पता नहीं चल पा रहा था।
बताया जाता है कि जिला बाल संरक्षण इकाई हाजीपुर में बीते जुलाई माह में नव पदस्थापित सहायक निदेशक एवं बाल संरक्षण पदाधिकारी के संयुक्त व्यक्तिगत प्रयास से असम के डिब्रूगढ़ में बालक युवान के जैविक माता-पिता का पता चला।
इसके पश्चात जिला बाल संरक्षण इकाई डिब्रूगढ़ की मदद से इसका सत्यापन कराया गया। बालक युवान का घर ढूंढने में बाल कल्याण समिति डिब्रूगढ़ की सदस्य रूबी दास, जिला बाल संरक्षण इकाई डिब्रूगढ़ के सामाजिक कार्यकर्ता अनवर एवं गुवाहाटी की सामाजिक कार्यकर्ता डॉ पल्लवी शर्मा का विशेष योगदान रहा।
किशोर न्याय अधिनियम की धारा 95 के आलोक में गृह सत्यापन के पश्चात समाज कल्याण निदेशालय पटना से उक्त बालक को असम भेजने हेतु अनुमति की मांग की गई।
समाज कल्याण निदेशालय से अनुमति मिलने के पश्चात 17 सितंबर को संस्था के सामाजिक कार्यकर्ता एवं केयरगीवर के साथ उक्त बालक को बाल कल्याण समिति डिब्रूगढ़ के समक्ष उपस्थापन हेतु भेज दिया गया। अब बालक युवान अपने जैविक माता-पिता के साथ हाजीपुर से प्रस्थान कर गया।
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